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June 10, 2026
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ईईटी फ्यूल्स की हाइड्रोजन फ्यूल स्विचिंग परियोजना अगले महत्वपूर्ण चरण में पहुंची, इंजीनियरिंग सलाह के लिए वुड की नियुक्ति

स्टेनलो (ब्रिटेन), 27 अगस्त । दुनिया की अग्रणी लो कार्बन प्रोसेस रिफाइनरी बनाने में प्रयासरत एस्सार ऑयल यूके जो ईईटी फ्यूल्स के नाम से व्यापार करती है, अपनी हाइड्रोजन फ्यूल स्विचिंग परियोजना में फ्रंट-एंड इंजीनियरिंग डिजाइन (एफईईडी) चरण तक पहुंच गई है। इस परियोजना के लिए हाइड्रोजन की आपूर्ति ईईटी हाइड्रोजन द्वारा की जाएगी जो उसी स्थान पर स्थित है और लो कार्बन हाइड्रोजन का उत्पादन करने वाली ट्रैक-1 कंपनी है। परियोजना के इस चरण का संचालन करने के लिए ईईटी फ्यूल्स ने परामर्श और इंजीनियरिंग में वैश्विक स्तर पर अनुभव रखने वाली कंपनी वुड को नियुक्त किया है जो ईंधन प्रणाली के अंतिम डिजाइन तैयार करने में समन्वय करेगी। इस ईंधन प्रणाली से कंपनी के हाइड्रोजन-रेडी क्रूड डिस्टिलर फर्नेस को ईंधन की आपूर्ति होगी। वुड हाइड्रोजन के कुशल और सुरक्षित दहन को सक्षम करने के लिए कोर इंफ्रास्ट्रक्चर और नियंत्रण प्रणालियों को भी फिर से डिजाइन करेगी। एफईईडी के पूरा होने से ईईटी फ्यूल्स को अगले वर्ष हाइड्रोजन फ्यूल स्विचिंग परियोजना पर अंतिम निवेश निर्णय (एफआईडी) लेने में मदद मिलेगी। यह परियोजना ईईटी फ्यूल्स की हाइड्रोजन-रेडी क्रूड डिस्टिलर फर्नेस जैसी परिसंपत्तियों में ईंधन स्विचिंग को संभव बनायेगी। यह ब्रिटेन की किसी भी रिफाइनरी में स्थापित अपनी तरह का पहला डिस्टिलर फर्नेस होगा और शत- प्रतिशत हाइड्रोजन या ईंधन-गैस मिश्रण पर चलने में सक्षम है। एक बार जब फर्नेस ईईटी हाइड्रोजन के उत्पादन संयंत्र से हाइड्रोजन पर चलने लगेगा, तो यह स्टेनलो रिफाइनरी में हर साल दो लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम करेगा। एक बार जब ईईटी हाइड्रोजन से हाइड्रोजन उपलब्ध हो जाएगा, तो इस साइट पर सभी फायर-हीटरों के लिए फ्यूल स्विचिंग संभव हो सकेगा। इस परियोजना की प्रगति स्टेनलो रिफाइनरी में 2030 तक कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन को 95 प्रतिशत तक कम करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कंपनी की मजबूत गति को प्रदर्शित करती है। ईईटी फ्यूल्स के सीईओ दीपक माहेश्वरी ने कहा : “हमारे पास स्टेनलो रिफाइनरी के साथ ब्रिटेन में ईईटी फ्यूल्स के लिए अभूतपूर्व योजनाएं हैं। हाइड्रोजन फ्यूल स्विचिंग इन योजनाओं का एक अभिन्न अंग है, और वुड के साथ एफईईडी का संचालन करने से हमें अंतिम निवेश निर्णय के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी।” उन्होंने आगे कहा, “हम दुनिया की पहली लो कार्बन प्रोसेस रिफाइनरी बनने की राह पर हैं। इससे ब्रिटेन को ईंधन आपूर्ति की सुरक्षा मिलने के साथ ही ब्रिटेन के औद्योगिक केंद्र में रोजगार सृजन और उसे बनाये रखने में भी मदद मिलेगी।” वुड के ब्रितानी संचालन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मार्टिन सिमोनाइट ने कहा, “हम ईईटी फ्यूल्स के साथ इस डी-कार्बोनाइजेशन परियोजना पर काम करके बहुत खुश हैं, जो ऊर्जा परिवर्तन और ब्रिटेन की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रदान करता है।

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