39.6 C
Jabalpur
June 13, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

साधक के मार्ग में आने वाली कठिनाईयां दूर होती हैं : सुरेंद्रनाथ अवधूत

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन दक्षिणी दिल्ली के प्राचीन ‘कालकाजी मंदिर’ में भक्तों की भीड़ देखने को मिली। यहां पर भक्त पूजा की थाल लिए लाइनों में अपनी बारी का इंतजार करते दिखें। मंदिर प्रशासन ने यहां पर व्यवस्था के इंतजाम कर रखे हैं। जगह-जगह पर वालंटियर तैनात हैं। जिससे यहां आने वाले भक्तों को माता के दर्शन करने में किसी भी तरह से कोई दिक्कत न हो। कालकाजी मंदिर के महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने शुक्रवार को आईएएनएस से बातचीत की। उन्होंने कहा, “नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है। उनका तपस्वी का स्वरुप है। उनके एक हाथ में अक्षमाला और दूसरे में कमंडल है। मां ब्रह्मचारिणी की उपासना से साधक के मार्ग में आने वाली कठिनाइयां दूर होती हैं।” उन्होंने आगे कहा, “क्योंकि, भगवती स्वयं एक तपस्विनी के स्वरूप में हैं। उन्होंने एक प्राचीन कथा के अनुसार बताया कि, नारद के उपदेश पर भगवान शिव को वर रूप में प्राप्त करने के लिए भगवती ने ब्रह्मचर्य व्रत का पालन किया था। तब से भगवती ब्रह्मचारिणी के रूप में विख्यात हुई। उन्होंने कहा कि बताए गए मंत्रों के जाप व भगवती को पुष्प अर्पित करने से साधक के मार्ग में आने वाली सारी कठिनाईयां दूर होती हैं और साधक को साधना में सफलता मिलती है। वहीं, नवरात्रि के पहले दिन कालकाजी मंदिर में बड़ा हादसा हो गया था। जिसमें एक की मौत कई घायल हो गए थे। इस पर महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने कहा, यह बहुत दुखद है कि कालकाजी मंदिर में ऐसा हादसा हुआ है। मुझे जो जानकारी मिली है कि राम प्याऊ के पास रात करीब 12.30 बजे कुछ लोग लाइन पार कर दूसरी तरफ जाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान, लोगों ने तार को पकड़ लिया। तार टूटने से लोहे की टीन में करंट फैल गया। जिससे यह दुखद हादसा हुआ। सुरेंद्र अवधूत ने कहा कि वह मठ की ओर से घायलों को आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास करेंगे।

अन्य ख़बरें

हिंदू धर्म और भगवान राम के खिलाफ कथित टिप्पणियों के लिए लेखक पर केस दर्ज

Newsdesk

असम के जोरहाट में लैंडिंग के बाद वायुसेना के विमान में लगी आग

Newsdesk

रेशम, खादी और हथकरघा क्षेत्र को नई दिशा: केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading