गढ़वा, 15 अप्रैल — झारखंड के गढ़वा जिले के उर्सुगी गांव में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में चार बच्चों की पानी से भरे गड्ढे में डूबकर मौत हो गई। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
सभी मृतक उर्सुगी गांव के ही रहने वाले थे।
मृतकों की पहचान लक्की कुमार (8 वर्ष) पिता अवधेश राम, अक्षय कुमार (12 वर्ष) पिता संतोष राम, नारायण चंद्रवंशी (16 वर्ष) पिता बाबूलाल चंद्रवंशी और हरिओम चंद्रवंशी (13 वर्ष) के रूप में हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चे गांव के पास स्थित एक ‘डोभा’ (छोटा तालाब) के पास खेल रहे थे। इसी दौरान वे नहाने के लिए पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में उतर गए, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके और डूब गए।
जब तक गांव वालों को सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी। चारों बच्चों को बाहर निकालकर गढ़वा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की जानकारी मिलते ही गढ़वा के एसडीओ संजय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और शोकसंतप्त परिवारों से मुलाकात की।
गढ़वा जिले में डूबने की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनती जा रही हैं। बीते पांच दिनों में ही जिले में नदियों, तालाबों और जलाशयों में डूबने से नौ बच्चों की मौत हो चुकी है।
सिर्फ एक दिन पहले सोमवार को केतार प्रखंड की दिव्या कुमारी (17 वर्ष), जो दीपक कुमार रजक की बेटी थीं, सोन नदी में डूब गई थीं।
वहीं 11 अप्रैल को हरैया गांव में एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान चार लड़कियों की तालाब में डूबकर मौत हो गई थी। मृतकों में लाड़ो सिंह (10 वर्ष) पिता चंदन सिंह, अंकिता सिंह (22 वर्ष) पिता जितेंद्र सिंह, रोमा सिंह (18 वर्ष) पिता विशिष्ट सिंह (पलामू जिले के पगर गांव निवासी), और मीठी सिंह (15 वर्ष) पिता अभिषेक सिंह (लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के पुर्नाडीह गांव निवासी) शामिल थीं। सभी आपस में रिश्तेदार थीं।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने क्षेत्र में जलस्रोतों के पास सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


