Yoga for Summer – जेठ के तपते महीने का आगाज हो चुका है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, शरीर में गर्मी और थकान का एहसास भी अधिक होने लगता है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि हम अपने शरीर की शीतलता को बनाए रखने के लिए कुछ उपाय करें। योगासन, विशेष रूप से गर्मियों में, हमारे शरीर को ठंडक और ताजगी प्रदान करने के लिए एक प्रभावी उपाय हो सकता है। इस लेख में हम दो ऐसे आसनों के बारे में चर्चा करेंगे, जिन्हें अपनाकर गर्मी के इस मौसम में आप अपनी शीतलता बनाए रख सकते हैं। ये आसन किसी भी उम्र के लिए उपयुक्त हैं और गर्मी से राहत प्रदान करने में सहायक हो सकते हैं।
बालासन : शरीर और मन को शांति देने वाला आसन
बालासन को “चाइल्ड पोस्चर” के नाम से भी जाना जाता है और यह एक बहुत ही शांतिदायक और शीतलता प्रदान करने वाला योगासन है। यह आसन शरीर को राहत देने, मन को शांत करने और मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए उत्कृष्ट माना जाता है। यह विशेष रूप से तब लाभकारी होता है जब गर्मी के मौसम में शरीर और मस्तिष्क को शीतलता की आवश्यकता होती है।
बालासन करने का तरीका:
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सबसे पहले घुटनों के बल बैठें और एड़ियों को आपस में अलग रखें।
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फिर अपने पंजों को आपस में जोड़ते हुए एड़ियों पर बैठ जाएं।
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धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और अपने माथे को चटाई या मुलायम कुशन पर टिका दें।
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अपने हाथों को आगे की ओर फैलाया जा सकता है या शरीर के पास रखा जा सकता है।
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बालासन के दो मुख्य विकल्प हैं: एक में घुटनों को आपस में जोड़ा जाता है, जबकि दूसरे में घुटनों को थोड़ा अलग रखा जाता है।
बालासन के लाभ:
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यह आसन शरीर को शीतलता और आराम देता है, जिससे गर्मी के दौरान मानसिक शांति बनी रहती है।
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यह पाचन तंत्र को बेहतर करता है और पेट की समस्याओं को कम करने में मदद करता है, जो गर्मी में आम होती हैं।
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यह ब्लड प्रेशर को कम करने, शरीर को शांत रखने और तनाव कम करने में भी सहायक होता है।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन: पाचन और शीतलता के लिए लाभकारी
अर्ध मत्स्येन्द्रासन, हठ योग की प्राचीन परंपरा का एक हिस्सा है, जो विशेष रूप से पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, कब्ज और दमा जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है। यह आसन वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह उनकी एड्रिनल ग्रंथि को संतुलित करता है और उन्हें शारीरिक राहत प्रदान करता है।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका:
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योगा मैट पर दोनों पैरों को क्रॉस करके बैठें।
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फिर अपने धड़ को बाईं ओर घुमाएं और दाएं हाथ से बाएं घुटने को छुएं।
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ध्यान रखें कि आपका शरीर मैट से ऊपर न उठे। आसन करते समय पूरी तरह से शांत और स्थिर रहना आवश्यक है।
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इसे करने से पहले किसी योग विशेषज्ञ से परामर्श लें, ताकि सही तरीके से आसन किया जा सके।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन के लाभ:
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यह आसन पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और गर्मियों में होने वाली पेट की तकलीफों को कम करता है।
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यह कब्ज, दमा और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक है।
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मधुमेह रोगियों के लिए यह एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है, क्योंकि यह रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करता है।
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यह आसन वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी फायदेमंद होता है, क्योंकि यह एड्रिनल ग्रंथि को संतुलित करता है।
योगाभ्यास का समय और ध्यान देने योग्य बातें
गर्मियों में योगाभ्यास करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि कुछ आसन सूर्योदय या सूर्यास्त के समय किए जाएं, क्योंकि दोपहर में गर्मी अपने चरम पर होती है। खासकर अर्ध मत्स्येन्द्रासन जैसे आसन दोपहर में करने से बचें। यह आसन शाम के समय या सुबह के समय करना बेहतर होता है, जब वातावरण ठंडा होता है और शरीर को आराम मिलता है।
निष्कर्ष
गर्मी के मौसम में शीतलता बनाए रखने के लिए योग आसन एक अत्यधिक प्रभावी उपाय है। बालासन और अर्ध मत्स्येन्द्रासन जैसे आसन न केवल शरीर को शीतलता प्रदान करते हैं, बल्कि पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाते हैं और मानसिक शांति का एहसास कराते हैं। इन आसनों को नियमित रूप से अपनाकर आप गर्मी के मौसम में भी ताजगी और शांति का अनुभव कर सकते हैं।


