तुमकुरू, 2 मई । कर्नाटक के तुमकुरू जिले के मोरों में बर्ड फ्लू का प्रकोप सामने आया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की संस्था एनआईएचएसएडी, भोपाल ने 29 अप्रैल को मोरों के सैंपल में एच 5 एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि की है।
ये मृत मोर कोलिहल्ली, बैरासंद्रा, हुल्लेनाहल्ली और तिम्मेगौडनपाल्या गांवों के आसपास मिले थे। ये सभी गांव सिद्धगंगा मठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के क्षेत्र में आते हैं। पुष्टि के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा की गई और रोकथाम के उपाय शुरू कर दिए गए।
प्रशासन ने 0 से 3 किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र और 3 से 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित कर दिया है। अगले 10 दिनों तक इन क्षेत्रों में बुखार, इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी और सांस की गंभीर समस्या वाले मरीजों पर नजर रखी जाएगी। कुल 38 गांवों की लगभग 20,432 आबादी इस निगरानी के दायरे में आएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें। बीमार या मृत पक्षियों के संपर्क में न आएं। हाथों को बार-बार साबुन से धोएं। मुर्गी का मांस और अंडे खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह पकाएं। सांस की बीमारी वाले लोगों से दूरी बनाकर रखें। अगर कोई लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी जानकारी पर भरोसा करें।
बर्ड फ्लू मुख्य रूप से पक्षियों में फैलने वाली बीमारी है, जो कभी-कभी इंसानों में भी पहुंच सकती है। इसलिए समय पर सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। प्रशासन का कहना है कि वे स्थिति को लगातार मॉनिटर कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर और कदम उठाए जाएंगे।


