Neeraj chopra territorial army, 14 मई । ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और विश्वस्तरीय भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना में एक नई और बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद से सम्मानित किया गया है। इस प्रतिष्ठित सम्मान की घोषणा रक्षा मंत्रालय द्वारा 14 मई को भारत सरकार की साप्ताहिक पत्रिका भारत के राजपत्र में की गई।
राष्ट्रपति द्वारा यह उपाधि नीरज चोपड़ा को 16 अप्रैल 2025 से प्रभावी रूप से प्रदान की गई है। इससे पहले नीरज भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत थे। उन्हें 2016 में नायब सूबेदार के रूप में सेना में भर्ती किया गया था और टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने के बाद सूबेदार के पद पर पदोन्नत किया गया था।
नीरज चोपड़ा भारत के पहले ट्रैक एंड फील्ड ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में 87.58 मीटर की भाला फेंक के साथ इतिहास रचा। इसके बाद उन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 में रजत पदक जीतकर भारत के सबसे सफल व्यक्तिगत ओलंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
नीरज की उपलब्धियों ने भारत में जैवलिन थ्रो को नई पहचान दी है और लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने हैं। हाल ही में वह दोहा डायमंड लीग 2025 में हिस्सा लेने के बाद 23 मई को पोलैंड के चोरजोव में होने वाली 71वीं ओरलेन जानुस्ज कुसोसिन्सकी मेमोरियल प्रतियोगिता में भाग लेंगे। इस मुकाबले में उनका सामना ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स, जर्मनी के जूलियन वेबर और पोलैंड के मार्सिन क्रुकोवस्की जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से होगा।
इससे पहले एनसी क्लासिक में नीरज की भागीदारी प्रस्तावित थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव के चलते प्रतियोगिता स्थगित कर दी गई।
नीरज चोपड़ा से पहले भी कई नामी एथलीटों को सेना में मानद रैंक से सम्मानित किया गया है, जिनमें ओलंपिक स्वर्ण विजेता अभिनव बिंद्रा (लेफ्टिनेंट कर्नल), विजय कुमार (मानद कैप्टन), और क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी (लेफ्टिनेंट कर्नल) शामिल हैं।
नीरज चोपड़ा को यह सम्मान न केवल उनकी खेल उपलब्धियों के लिए है, बल्कि राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा भावना और अनुशासन के लिए भी दिया गया है।


