कर्नाटक के हावेरी जिले में एक शर्मनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे राज्य में आक्रोश फैला दिया है। जनवरी 2024 के बहुचर्चित हनगल गैंगरेप केस में सात आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्होंने विजय जुलूस निकाला, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा और बढ़ गया है।
क्या है मामला?
जनवरी 2024 में एक युवती ने सात युवकों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। पीड़िता के अनुसार, आरोपी एक लॉज में जबरन घुसे और उस पर एक गैर धर्म के युवक के साथ रिश्ते को लेकर सवाल उठाए। यह मामला मोरल पुलिसिंग के अंतर्गत दर्ज किया गया था। इसके बाद पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में बताया कि आरोपियों ने उसे जबरन होटल से उठाया और पास के एक जंगल जैसे इलाके में ले जाकर गैंगरेप किया। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने गैंगरेप की धाराएं भी मामले में जोड़ दी थीं।
कोर्ट से जमानत, फिर विजय जुलूस
हाल ही में हावेरी सेशंस कोर्ट ने सबूतों की कमी और पीड़िता द्वारा आरोपियों की स्पष्ट पहचान नहीं कर पाने के कारण सातों मुख्य आरोपियों को जमानत दे दी। लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपियों ने अक्की आलूर में बाइक और कारों के साथ विजय जुलूस निकाला। इस विजय जुलूस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद आम जनता, महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रिहाई पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोपियों में शामिल है शोएब मुल्ला,तौसीफ, रियाज सावीकेरी, आफताब चंदनकट्टी,मदार साब मंडक्की,समीउल्ला लालनवर, मोहम्मद सादिक अगसीमणि
पुलिस की प्रतिक्रिया
अक्की आलूर पुलिस ने विजय जुलूस का संज्ञान लेते हुए वीडियो फुटेज को सबूत के तौर पर अदालत में पेश करने और इसी आधार पर आरोपियों की जमानत रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि जमानत की शर्तों के उल्लंघन के तहत यह कदम उठाया जाएगा।


