Jabalpur News – जबलपुर के प्रतिष्ठित सेंट अलायसियस रिमझा स्कूल में पहली कक्षा की छात्रा आर्ची पांडे की रहस्यमयी मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। स्कूल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, आर्ची खेलते वक्त गिर गई थी, जिससे वह घायल हो गई और उसे शैल्बी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में कई विरोधाभासी बातें सामने आ रही हैं, जिससे मामला संदेहास्पद होता जा रहा है।
बच्ची के पिता अरुण पांडे ने बताया कि उन्हें स्कूल से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, सिर्फ यह बताया गया कि बच्ची को अस्पताल ले जाया गया है। जब वे अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने शुरुआत में बताया कि ज्यादा गंभीर कुछ नहीं है। बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टर ने भी कुछ समय तक कोई गंभीरता नहीं दिखाई। लेकिन रात करीब 4 बजे अचानक अस्पताल प्रबंधन की ओर से फोन आया कि आर्ची की हालत खराब है और उसका दिल काम नहीं कर रहा। इसके कुछ ही देर बाद उन्हें बेटी की मौत की सूचना दे दी गई।
पिता का कहना है कि न तो स्कूल ने उन्हें समय पर जानकारी दी, न ही अस्पताल ने स्थिति की गंभीरता बताई। उन्होंने कहा, “मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि मेरी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है। कहीं न कहीं स्कूल प्रबंधन और अस्पताल की लापरवाही ने मेरी बच्ची की जान ले ली।”
अभिभावकों का यह भी कहना है कि आर्ची बास्केटबॉल नहीं खेल रही थी, वह सिर्फ चीयर करने गई थी, तभी उसे बॉल लगी और वह गिर गई। लेकिन स्कूल ने इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी। दूसरी ओर, स्कूल प्रबंधन ने अब अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है और कहा है कि बच्ची पूरी तरह होश में थी। स्कूल का दावा है कि पूरी घटना के सीसीटीवी फुटेज जांच एजेंसियों को सौंप दिए जाएंगे।
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल जांच के बाद ही आर्ची की मौत की असली वजह सामने आ सकेगी। यह मामला सिर्फ एक मासूम की मौत नहीं है, बल्कि स्कूल और अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही पर बड़ा सवाल बन गया है।


