Jabalpur News Today – नगर निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर और खतरनाक शाला भवनों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि ऐसे किसी भी भवन में कक्षाएं नहीं लगाई जाएं, जो उपयोग लायक नहीं हैं या जिनकी स्थिति खतरनाक है।
समीक्षा बैठक में लिए गए अहम निर्णय:
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खतरनाक भवनों की तत्काल पहचान कराएं और उन्हें गिराने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
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यदि किसी स्कूल में कक्षा योग्य भवन उपलब्ध नहीं है, तो बच्चों को सुरक्षित हॉल या दूसरे स्थानों में शिफ्ट किया जाए।
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सभी कक्षाओं को लगाने से पहले स्टेट पीडब्ल्यूडी के तकनीकी अधिकारियों से भवन की उपयोगिता का प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त किया जाए।
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संभागवार रिपोर्ट तैयार कर जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी जाए, ताकि आगे की कार्यवाही की जा सके।
इन अधिकारियों ने ली समीक्षा बैठक में भाग:
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अपर आयुक्त वित्त प्रशांत गोटिया
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अपर आयुक्त मनोज कुमार श्रीवास्तव
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सहायक आयुक्त व प्र. शिक्षा अधिकारी श्रीमती रचयिता अवस्थी
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कार्यपालन यंत्री शिवेन्द्र सिंह
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कार्यपालन यंत्री शैलेन्द्र मिश्रा
निर्देश स्कूल प्राचार्यों के लिए भी:
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किसी भी जर्जर या कमजोर भवन में बच्चों को बैठाकर कक्षा न लें।
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आवश्यकता पड़ने पर कक्षाएं पास के सुरक्षित भवनों में शिफ्ट की जाएं।
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मानसून को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि बच्चों की जान जोखिम में न आए।
क्या है अगला कदम?
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कार्यपालन यंत्री को जल्द से जल्द निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश।
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रिपोर्ट के आधार पर निगम द्वारा त्वरित और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निगमायुक्त प्रीति यादव का स्पष्ट संदेश है — “बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं।” ऐसे में स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग को अब तेजी से काम करना होगा, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।


