Jabalpur News Today। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BMS) के मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) विंग की प्रदेश स्तरीय बैठक जबलपुर में संपन्न हुई। इस बैठक में संघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष आशीष सिंह सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और देशभर की प्रमुख ब्रांचों – भोपाल, महू, सागर, इटारसी, पचमढ़ी, जबलपुर, G-East और G-West के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
निगमीकरण बना प्रमुख चिंता का विषय
बैठक का प्रमुख विषय रहा केंद्र सरकार द्वारा की गई आयुध निर्माणियों का निगमीकरण। राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सिंह, जो उत्तर प्रदेश के कानपुर से पधारे थे, ने कहा कि देश की 42 आयुध निर्माणियों को सात कंपनियों में विभाजित कर निगमीकरण किया गया है, जिससे कर्मचारियों के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं। उन्होंने दोहराया कि कर्मचारी आज भी चाहते हैं कि निगमीकरण समाप्त कर पुरानी स्थिति को बहाल किया जाए।
कर्मचारियों को विकल्प पत्र भरवाए जा रहे
मुकेश सिंह ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा देशभर के कर्मचारियों से यह पूछा जा रहा है कि वे भारत सरकार के अधीन रहना चाहते हैं या कॉरपोरेट संरचना के तहत काम करना चाहते हैं। इसके लिए कर्मचारियों से विकल्प पत्र भरवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश कर्मचारी सरकार के अधीन रहना पसंद कर रहे हैं क्योंकि वही भविष्य की स्थायित्व की गारंटी देता है।
फैक्ट्रियों का दौरा और स्थानीय मुद्दों पर फोकस
बैठक के दौरान मुकेश सिंह ने जबलपुर की ओएफके, जीसीएफ, व्हीएफजे और जीआईएफ फैक्ट्रियों का निरीक्षण कर अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वर्कलोड, सुरक्षा घटनाएं और कर्मचारियों पर बढ़ते दबाव को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अधिकारी यदि अपने कर्मचारियों से संवाद बनाए रखें, तो दबाव के बावजूद गुणवत्तापूर्ण कार्य संभव है।
निजीकरण की फिलहाल कोई योजना नहीं
मुकेश सिंह ने कहा कि फिलहाल इन फैक्ट्रियों को निजी हाथों में सौंपने की कोई योजना नहीं है, हालांकि कुछ निजी कंपनियों को गोला-बारूद उत्पादन के लिए लाइसेंस अवश्य दिए गए हैं। सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों अपने-अपने स्तर पर कार्यरत हैं।
प्रदेश कार्यकारिणी की समीक्षा और योजनाएं
प्रदेश अध्यक्ष आशीष सिंह ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य था कि तीन माह में प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी और छह माह में कार्यसमिति के सदस्य एकत्र होकर कार्यों की समीक्षा करें और सामने आ रही समस्याओं का समाधान खोजें।
बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दशरथ, रमाकांत, देवेन्द्र विश्वकर्मा, राकेश पटेल, संदेव सिंह, शिव सोनी, अमित राय, विमल चक्रवर्ती, वचन शर्मा, सुभाष पटेल, नर बहादुर गजभिये सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।
यह बैठक निगमीकरण के बाद कर्मचारियों की चिंता और संघ की सक्रियता को दर्शाती है, जिसमें संगठन ने सरकार तक अपनी बात मजबूती से पहुंचाने का संकल्प लिया।


