Jabalpur News Today – जबलपुर के दो मासूम बच्चे खेलते-खेलते ट्रेन में बैठ गए और अनजाने में 250 किमी दूर गुना जा पहुंचे। गुना रेलवे स्टेशन पर जब 7 और 8 साल के ये दोनों बच्चे लावारिस हालत में मिले तो रेलवे पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की मुस्तैदी से इनकी पहचान हुई और सुरक्षित उन्हें उनके माता-पिता के पास पहुंचाया गया।
घटना मंगलवार सुबह की है, जब गुना रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को दो छोटे बच्चों के बिना किसी अभिभावक के मिलने की सूचना मिली। तुरंत ही विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) को सूचना दी गई। टीम ने बच्चों को संरक्षण में लिया और जिला अस्पताल परिसर स्थित मां स्वरूपा आश्रम में अस्थायी आश्रय दिलाया।
जबलपुर के चार खंभा क्षेत्र के हैं बच्चे
काउंसलिंग के दौरान एसजेपीयू के अनिल सिंह तोमर को पता चला कि दोनों बच्चे जबलपुर के चार खंभा इलाके के निवासी हैं और मस्ती-मस्ती में बिना किसी को बताए ट्रेन में चढ़ गए थे। गुना स्टेशन पहुंचने के बाद वे ट्रेन से उतर गए और वहीं घूमते रहे।
परिजनों को सौंपे गए बच्चे, पुलिस ने दी समझाइश
बच्चों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें गुना बुलाया गया। बाल कल्याण समिति (CWC) की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर मंगलवार शाम को दोनों बच्चों को उनके माता-पिता को सौंपा गया। गुना एसपी अंकित सोनी ने खुद बच्चों से बातचीत कर परिजनों को समझाइश दी कि बच्चों पर सतत निगरानी रखें ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
टीम की सतर्कता से सुरक्षित वापसी
इस पूरी कार्रवाई में एसजेपीयू के अनिल सिंह तोमर, आरपीएफ एएसआई विनोद सिंह, मां स्वरूपा आश्रम के प्रबंधक नरेंद्र धाकड़, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष नीरू शर्मा और अन्य सदस्य शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने टीम की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा भी हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।


