Jabalpur News। पावन श्रावण मास के अवसर पर नरसिंह मंदिर, शास्त्री ब्रिज में आयोजित विशेष पूजन-अर्चन कार्यक्रम के दौरान श्रीमद् जगतगुरु नृसिंह पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए एक अत्यंत संवेदनशील विषय पर अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा, “वर्तमान समय का दुर्भाग्य है कि कुछ लोग भगवान शिव के नाम पर भाँग, गांजा जैसे नशों का सेवन करते हैं और इसे भोलेनाथ का प्रसाद बताकर दूसरों को भी इसका सेवन कराते हैं। जबकि सत्य यह है कि भगवान शिव केवल ‘राम नाम’ का नशा करते हैं।”
स्वामी जी ने बताया कि महादेव तो आशुतोष हैं, इसीलिए वे भांग, धतूरा जैसे तुच्छ प्रतीकों को भी स्वीकार कर लेते हैं, जिनसे सामान्य प्राणी भी दूरी बनाए रखते हैं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि शिवभक्त इस परंपरा को नशे के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा, “यदि आपको अपने कल्याण की चिंता है, तो शिव के नाम पर नहीं, बल्कि शिव के नाम का नशा करें। भक्ति का नशा करें, नशे की भक्ति कदापि नहीं।”
प्रतिदिन हो रहा है रुद्राभिषेक पूजन
इस अवसर पर नर्मदेश्वर महादेव के रुद्राभिषेक, षोडशोपचार पूजन, अर्चन और आरती सम्पन्न हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूजन में रामजी पुजारी, सिद्धनारायण शर्मा, गायत्री शर्मा, जे.पी. मिश्रा, आचार्य रामफल शास्त्री, कामता गौतम, लालमणि मिश्रा, ब्रह्मचारी हिमांशु और प्रियांशु सहित अनेक भक्तजन शामिल हुए।
स्वामी जी के सानिध्य में प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से महारुद्राभिषेक पूजन का आयोजन जारी है। श्रावण मास में भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है, और मंदिर परिसर शिव भक्ति से ओत-प्रोत दिखाई दे रहा है।


