जबलपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) जबलपुर महानगर इकाई द्वारा सोमवार को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों से जुड़ी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं ने 19 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
अभाविप द्वारा यह ज्ञापन कुलगुरु, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक एवं डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) को संयुक्त रूप से प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शन के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच करीब दो घंटे तक संवाद चला, जिसमें छात्रों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने बताया कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से शैक्षणिक अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं। परीक्षा परिणामों में अनावश्यक विलंब, पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव, छात्रवृत्ति वितरण में देरी, फीस से संबंधित समस्याएं, डिग्री, माइग्रेशन और मार्कशीट समय पर न मिलना, शैक्षणिक कैलेंडर का पालन न होना, तथा पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं और छात्र सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं से छात्र लगातार परेशान हैं।
अभाविप ने इन सभी मुद्दों को तथ्यों और सहायक दस्तावेजों के साथ प्रशासन के समक्ष रखा और मांग की कि छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए।
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब कुलगुरु एवं डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर के बीच प्रशासनिक विषयों को लेकर आपसी नोकझोंक हो गई। इस घटनाक्रम को लेकर अभाविप ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के भीतर आपसी समन्वय की कमी का सीधा असर छात्रों के हितों पर पड़ रहा है, जिसका खामियाजा विद्यार्थियों को नहीं भुगतना चाहिए।
अभाविप जबलपुर महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 19 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रहित सर्वोपरि है और किसी भी परिस्थिति में छात्रों के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन में अभाविप के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य माखन शर्मा, महानगर संगठन मंत्री प्रभात तिवारी, सहित ऐश्वर्य सोनकर, अनमोल सोनकर, तृषा पांडे, अक्षत ताम्रकर, आर्या सिंह, सत्यम पटेल, पारुल साहू, भास्कर पटेल, प्रफुल तिवारी, दिव्यांक पचौरी, लखन मांझी, नयन जैन, अनिमेष केवट, सूर्यांश सिंह, अरमान पांडे, आयुष बारी, आशुतोष पटेल, गौरव वाल्मीकि, अनिमेष ठाकुर, यश पटेल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अभाविप ने अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि शैक्षणिक वातावरण में सुधार हो सके और छात्रों का विश्वास बहाल किया जा सके।


