शहडोल 15 मार्च 2026- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल श्री काशीनाथ सिंह के कुशल मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में वर्ष की प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय शहडोल एवं सिविल न्यायालय ब्यौहारी, बुढ़ार तथा जयसिंहनगर में किया गया।
जिला शहडोल में नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला न्यायालय शहडोल एवं सिविल न्यायालय ब्यौहारी, बुढ़ार तथा जयसिंहनगर में कुल 23 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया। इनमें जिला न्यायालय शहडोल में 11 खंडपीठ, श्रम न्यायालय शहडोल के श्रम न्यायाधीश श्री अभिषेक कुमार त्रिपाठी की 1 खंडपीठ, तहसील न्यायालय ब्यौहारी में 4 खंडपीठ, तहसील न्यायालय बुढ़ार में 4 खंडपीठ तथा तहसील न्यायालय जयसिंहनगर में 3 खंडपीठ गठित किए गए।
नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा वर्चुअली माध्यम से चीफ जस्टिस के मार्गदर्शन में तथा भौतिक रूप से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री काशीनाथ सिंह द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने नेशनल लोक अदालत के लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि लोक अदालत में राजीनामे के माध्यम से प्रकरण समाप्त होने पर दोनों पक्षों की जीत होती है और मुकदमा पूर्ण रूप से समाप्त हो जाता है, जिसकी अपील भी नहीं होती। साथ ही पक्षकारों को वाद शुल्क की वापसी भी हो जाती है। पारिवारिक मामलों में सुलह होने से परिवार टूटने से बच जाते हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं एवं उपस्थित जनों से अधिक से अधिक प्रकरणों का राजीनामे के माध्यम से निराकरण कराने का आह्वान किया।
उक्त अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय द्वारा विधिक सेवा प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें नालसा एवं सालसा की विभिन्न योजनाओं की जानकारी तथा ब्रोशर आमजन के लिए उपलब्ध कराए गए।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री शशिभूषण शर्मा, विशेष न्यायाधीश श्रीमती दीपाली शर्मा, जिला न्यायाधीश श्री कमलेश कोल, श्री कृष्ण पाल सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री राजेन्द्र सिंह सिंगार, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री रूपेन्द्र सिंह मडावी, श्री सीताशरण यादव, श्रीमती प्रीति सिंह बघेल, सुश्री अदिति कुमार शर्मा, सुश्री श्वेता यादव, सुश्री दीप्ति चौहान, जिला विधिक सहायता अधिकारी/प्रभारी सचिव श्री देवेन्द्र सिंह परस्ते, डीपीओ श्री हरिओम कुसुमाकर बैश्य, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ श्री राकेश सिंह बघेल, उपाध्यक्ष श्री सतीश पाठक, सचिव अधिवक्ता संघ श्री अनिल तिवारी सहित अधिवक्ता संघ के अन्य सदस्य, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री कुंजबिहारी द्विवेदी, समस्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल, पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वालंटियर तथा न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री देवेन्द्र सिंह परस्ते द्वारा किया गया।
नेशनल लोक अदालत के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर में विद्युत विभाग, नगरपालिका, राष्ट्रीयकृत बैंक एवं बीएसएनएल सहित अन्य विभागों के स्टॉल भी लगाए गए।
इस नेशनल लोक अदालत में कुल 552 लंबित प्रकरण एवं 2197 प्री-लिटिगेशन प्रकरण, इस प्रकार कुल 2749 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें कुल 4,14,38,985 रुपये की राशि का अवार्ड पारित हुआ। इनमें मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों के 46, चेक अनादरण के 61, आपराधिक राजीनामा योग्य 177, वैवाहिक विवाद के 42, विद्युत विभाग के 47 लंबित एवं अन्य 179 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया।


