जबलपुर। कैंट बोर्ड प्रशासन ने वर्षों से क्लास ‘सी’ लैंड पर जमे अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई इतनी तेज और सख्त रही कि कई सालों से कब्जा जमाए बैठे अतिक्रमणकारियों को मौके पर ही अपना सामान हटाने पर मजबूर होना पड़ा।
अभियान की शुरुआत सदर क्षेत्र स्थित रामलीला मैदान से की गई, जहां अवैध कब्जों को हटाने के दौरान कुछ लोगों ने भीड़ जुटाकर कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की। हालांकि, अधिकारियों और कर्मचारियों ने बिना किसी दबाव के कार्रवाई जारी रखी और कुछ ही समय में अतिक्रमण को जमींदोज कर दिया।
इसके बाद टीम मोदीबाड़ा क्षेत्र पहुंची, जहां क्लास ‘सी’ जमीन पर लंबे समय से कब्जा कर बनाए गए गोदाम को खाली कराया गया। जैसे ही अतिक्रमण दस्ता मौके पर पहुंचा, कब्जाधारी अभय नायडू ने अपने सामान को हटाने के लिए समय मांगा। प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद उसने महज 4 घंटे के भीतर 4 ट्रकों में अपना पूरा सामान खाली कर दिया। इसके बाद राजस्व विभाग ने परिसर को अपने कब्जे में लेकर वहां तालाबंदी कर दी।
पूरी कार्रवाई के दौरान कैंट बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार स्वयं मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि बोर्ड की जमीनों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां-जहां इस तरह के अतिक्रमण पाए जाएंगे, वहां लगातार इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीईओ ने यह भी जानकारी दी कि भविष्य में अवैध कब्जों की पहचान और कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा। इस अभियान में राजस्व विभाग के अतिक्रमण प्रभारी आशीष वर्मा सहित जाहिद अंसारी, हरवेश सिंह और खेमराज मीणा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।


