व्हाट्सऐप कॉल और वॉइस मैसेज के जरिए धमकी, क्राइम ब्रांच और साइबर सेल नंबर, रिकॉर्डिंग और डिजिटल ट्रेल खंगालने में जुटी, परिवार की सुरक्षा बढ़ाई गई।
इंदौर के रेसकोर्स रोड क्षेत्र से एक सनसनीखेज रंगदारी प्रकरण सामने आया है, जहां बिल्डर विवेक दमानी को व्हाट्सऐप कॉल के जरिए 5 करोड़ रुपये की मांग की गई। रिपोर्टों के मुताबिक कॉल पहले उनके कार्यालय में रिसीव हुई, जिसे एक महिला स्टाफ सदस्य ने उठाया। कॉल करने वाले ने खुद को ‘हैरी बॉक्सर’ बताया और कथित तौर पर लॉरेंस गैंग से जुड़ा होने का दावा करते हुए चेतावनी दी कि रकम नहीं दी गई तो बिल्डर के बेटे को गोली मरवा दी जाएगी।
पुलिस के अनुसार, शुरुआत में स्टाफ ने कॉल को शरारत समझकर गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन उसी नंबर से आए धमकी भरे वॉइस मैसेज के बाद मामला तुरंत क्राइम ब्रांच तक पहुंचाया गया। धमकी देने वाले ने यह भी दावा किया कि वह बिल्डर और उनके बेटे की लोकेशन पर नजर रखे हुए है। इसी के बाद पुलिस ने मामले को हाई प्रायोरिटी पर लेते हुए सुरक्षा और तकनीकी जांच दोनों शुरू कर दीं।
डीसीपी राजेश त्रिपाठी के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में कहा गया है कि क्राइम ब्रांच और साइबर सेल कॉल में इस्तेमाल नंबर, वॉइस रिकॉर्डिंग, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण कर रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि कॉल वास्तव में किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा है या गैंग के नाम का इस्तेमाल कर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश की गई। बिल्डर और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
यह घटना अकेली नहीं मानी जा रही। हाल की रिपोर्टों के अनुसार, मध्य प्रदेश में लॉरेंस गैंग के नाम का इस्तेमाल करते हुए रंगदारी की कई शिकायतें सामने आई हैं। इंदौर के तुकोगंज क्षेत्र में एक कारोबारी को पहले भी इसी तरह की धमकियां मिली थीं, जबकि खरगोन में भी ‘हैरी बॉक्सर’ नाम जुड़ा एक अलग रंगदारी-फायरिंग मामला सामने आ चुका है। इस वजह से कारोबारी समुदाय में चिंता और बढ़ गई है कि संगठित अपराध का प्रभाव अब भय और डिजिटल धमकी के जरिए व्यापारिक शहरों तक गहराता जा रहा है।


