एनएच-135 पर तेज रफ्तार बाइक ट्रॉली से टकराई; दूसरी बाइक से वीडियो बना रहे दो युवक भी गंभीर घायल, पुलिस ने खतरनाक स्टंट और डिजिटल सनक को हादसे की बड़ी वजह माना।
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में सोशल मीडिया रील बनाने की सनक तीन युवाओं के लिए जानलेवा साबित हुई। 14 अप्रैल को एनएच-135 के पन्नी-पथरिया मार्ग पर तेज रफ्तार पल्सर बाइक ट्रक-ट्रॉली के पिछले हिस्से से टकरा गई, जिसमें उपलक्ष उर्फ शुभम कोल (17), अमरीश कोल (22) और हेमराज कोल (17) की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों एक ही परिवार से थे।
घटना का 22 सेकंड का वीडियो सामने आने के बाद मामला और ज्यादा गंभीर हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर तेज रफ्तार में स्टंट कर रहे थे, ट्रकों के बीच से खतरनाक ओवरटेक कर रहे थे और उनके पीछे दूसरी बाइक पर सवार दो साथी पूरा दृश्य रिकॉर्ड कर रहे थे। कुछ रिपोर्टों में एक युवक के हाथ में पिस्टलनुमा लाइटर दिखने का भी उल्लेख है।
टक्कर के बाद पीछे आ रही दूसरी बाइक भी उसी ट्रॉली से जा भिड़ी, जिससे प्रशांत द्विवेदी और प्रदीप द्विवेदी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, बाद में रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस अधिकारी सची पाठक के अनुसार, हादसा सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के दौरान खतरनाक राइडिंग की वजह से हुआ और मामले की आगे जांच की जा रही है।
यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि डिजिटल मान्यता की अंधी दौड़ की खतरनाक कीमत भी दिखाता है। हाईवे पर तेज रफ्तार, स्टंट और रिकॉर्डिंग का यह मेल अब सीधे जन-सुरक्षा का प्रश्न बन चुका है। प्रशासनिक सख्ती के साथ युवाओं में डिजिटल जिम्मेदारी और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर जागरूकता की जरूरत साफ दिखाई दे रही है। यह निष्कर्ष उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर एक विश्लेषण है।


