जबलपुर। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव सुमिता मिश्रा ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि संसद में हाल ही में डिलिमिटेशन बिल गिरना सरकार की बड़ी राजनीतिक हार है। उन्होंने दावा किया कि यह नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में संसद के अंदर पहली बड़ी हार है। सुमिता मिश्रा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष हमेशा से समर्थन में रहा है और इसे बिना किसी शर्त के लागू करने की मांग राहुल गांधी ने भी संसद में की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं के मुद्दों को केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करती है और डिलिमिटेशन जैसे बिल लाकर देश को भ्रमित करने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि यह सरकार नॉर्थ और साउथ इंडिया के बीच विभाजन की राजनीति कर रही है, लेकिन इसमें सफल नहीं हो पा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल हैं, लेकिन सरकार मणिपुर, हाथरस, उन्नाव और अन्य मामलों पर चुप रहती है। उन्होंने दावा किया कि देश में हर घंटे एक महिला के साथ अपराध हो रहा है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। सुमिता मिश्रा ने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए गंभीर है, तो 543 लोकसभा सीटों पर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तुरंत लागू करे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने 2009 में महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था, जबकि आज वही भाजपा इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। महिला कांग्रेस ने कहा कि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों के हर मुद्दे पर एकजुट है और भविष्य में भी इसी तरह लड़ाई जारी रहेगी ।


