मध्य प्रदेश में नवजात शिशुओं को छोड़ देने के मामलों को लेकर स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के 2023 आंकड़ों पर आधारित प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में वर्ष 2023 में 140 infant abandonment cases दर्ज हुए, जो देश में सबसे अधिक थे। यही नहीं, मध्य प्रदेश 2019 से 2023 तक लगातार पांचवें वर्ष इस सूची में शीर्ष पर बना रहा। 2019 में 187, 2020 में 186, 2021 में 159, 2022 में 174 और 2023 में 140 मामले दर्ज किए गए।
राष्ट्रीय स्तर पर 2023 में ऐसे कुल 653 मामले दर्ज किए गए थे। इस तरह अकेले मध्य प्रदेश का हिस्सा कुल राष्ट्रीय मामलों का बड़ा भाग रहा। रिपोर्टों में यह भी रेखांकित किया गया है कि राज्य में कई नवजात सार्वजनिक स्थानों, झाड़ियों, बसों, कूड़ेदानों और सुनसान इलाकों में लावारिस हालत में मिले, जो इस समस्या की गहराई को दिखाता है।
यह आंकड़ा केवल अपराध का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि सामाजिक दबाव, गरीबी, लैंगिक पक्षपात, मातृ-सहायता तंत्र की कमी, सुरक्षित समर्पण व्यवस्था के सीमित उपयोग और बाल संरक्षण प्रणाली की कमजोरियों की ओर भी संकेत करता है। रिपोर्टों में विशेषज्ञों ने इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए mother-and-child care programmes, awareness campaigns और stronger support systems की जरूरत पर जोर दिया है। यह विश्लेषण उपलब्ध रिपोर्टों में व्यक्त कारणों और चिंताओं पर आधारित है।


