जबलपुर। संस्कारधानी सहित पूरे देश में वैशाख पूर्णिमा धूमधाम और आस्था के साथ मनाई जा रही है। आज ही पूर्णिमा का व्रत रखा जा रहा है और सुबह स्नान-दान का शुभ मुहूर्त भी इसी दिन है। वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर नर्मदा घाटों ग्वारीघाट, तिलवाराघाट पर सुबह से ही श्रद्धालु स्नान-ध्यान और दान-पुण्य के लिए एकत्रित हुए। मान्यता है कि इस दिन धर्मराज की पूजा करने से यमराज का भय नहीं रहता। यह दिन भगवान बुद्ध की जयंती के रूप में भी मनाया जा रहा है, जो अहिंसा और शांति का संदेश देते हैं। साथ ही, यह दिन भगवान विष्णु और महादेव की पूजा के लिए भी विशेष माना जाता है। वैशाख पूर्णिमा पर अन्न, जल, छाता, पंखा और वस्त्र का दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन कराने से सभी देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
नर्मदा तटों पर उमड़ी भीड़
वैशाख पूर्णिमा पर आज नर्मदा तटों पर भीड़ लगी हुई है। गौरीघाट, तिलवाराघाट सहित अन्य नर्मदा तटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। सुबह तडक़े से ही श्रद्धालुओं का नर्मदा तटों पर आना शुरू हो गया था। जहां नर्मदा में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा दूर दराज से श्रद्धालुओं ने नर्मदा तट पर कल रात ही पहुँच चुके थे जिन्होंने रात्रि विश्राम किया। भोर में ही ढोल-मजीरा, हारमोनियम की मधुर धुन और भक्तिमय मधुर गीतों की धुन से नर्मदा तट गुलजार हो गया।
निकली नर्मदा परिक्रमा
वैशाख पूर्णिमा को हरे कृष्णा आश्रम भेड़ाघाट से सुबह 5.30 बजे नर्मदा पंचकोसी परिक्रमा निकाली गई। हरिनाम संकीर्तन और मां नर्मदे हर के जयघोष के साथ श्रद्धालु ने सूरज की किरणें तेज होने से पहले नंगे पांव परिक्रमा पूरी कर ली। श्रद्धालुओं ने लम्हेटाघाट और सस्वतीघाट में नाव से नर्मदा पार किया।


