May 3, 2026
सी टाइम्स
Dharm

ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग और अभिजित मुहूर्त का शुभ संयोग, नोट कर लें भद्रा का समय

नई दिल्ली, 3 मई । सनातन धर्म में पंचांग का बेहद महत्व है। दिन की शुरुआत के साथ ही छोटे-बड़े हर एक काम के लिए इसके पांच अंगों (नक्षत्र, योग, करण, तिथि, वार) का विचार किया जाता है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 4 मई (सोमवार) को है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अभिजित मुहूर्त का शुभ संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार सूर्योदय 5 बजकर 38 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 58 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 9 बजकर 42 मिनट पर होगा व चन्द्रास्त अगले दिन सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगा। तृतीया तिथि 5 मई की सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक, नक्षत्र अनुराधा सुबह 9 बजकर 58 मिनट तक, इसके बाद ज्येष्ठा रहेगा।

योग परिघ रात 11 बजकर 20 मिनट तक, करण वणिज दोपहर 4 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सर्वार्थ सिद्धि योग में शुभ कार्य करने से सफलता मिलने की संभावना रहती है। अभिजित मुहूर्त में पूजा-पाठ, नया काम शुरू करना शुभ फल देता है। वहीं, राहुकाल, भद्रा और दुर्मुहूर्त जैसे अशुभ समय में यात्रा या महत्वपूर्ण कार्य टालने की सलाह दी जाती है। सोमवार के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 13 मिनट से 4 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक शुभ कार्यों के लिए उत्तम रहेगा।

विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 31 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 18 मिनट तक होगा। वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5 बजकर 38 मिनट से 9 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 56 मिनट से 5 मई की दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 7 बजकर 18 मिनट से 8 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। यमगण्ड दोपहर 10 बजकर 38 मिनट से 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 48 मिनट से 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। वर्ज्य समय दोपहर 4 बजकर 15 मिनट से 6 बजकर 3 मिनट तक व दोपहर 3 बजकर 25 मिनट से 4 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। भद्रा की छाया शाम 4 बजकर 12 मिनट से 5 मई की सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। वहीं, गण्ड मूल सुबह 9 बजकर 58 मिनट से 5 मई की सुबह 5 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। बाण योग में मृत्यु बाण रात 10 बजकर 16 मिनट तक व अग्नि बाण रात 10 बजकर 16 मिनट से पूर्ण रात्रि तक रहेगा। विंछुड़ो पूरे दिन प्रभावी रहेगा।

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