जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। नर्मदा नदी के जलाशय में अचानक आए तूफान के बीच क्रूज पलटने से अब तक 9 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं।
हादसे के वक्त क्रूज पर सवार एक परिवार के छह लोग कुछ देर पहले तक हंसी-खुशी सफर कर रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में पूरा माहौल चीख-पुकार में बदल गया। जीवित बची बच्ची ने बताया कि अचानक क्रूज में पानी भरने लगा और अफरा-तफरी मच गई। उसने डर और सदमे के बीच अपने पिता का हाथ पकड़ लिया, लेकिन आंखों के सामने दादी डूबती दिखीं और मां, भाई व दादा भी भीड़ और पानी के बीच बिछड़ गए।
बच्ची ने कांपती आवाज में बताया कि क्रूज पलट चुका था और अचानक आई तेज लहरों के बीच पानी अंदर भर गया था। उसके मुताबिक, उसकी मां और भाई अब भी लापता हैं, जबकि दादा बाद में मिले।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक मां और उसके बेटे के शव साथ मिले। बताया जा रहा है कि दोनों एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि मौके पर मौजूद लोगों और रेस्क्यू टीमों को भी झकझोर गया। महिला अपने पति और बेटी के साथ क्रूज में सवार थी। हादसे में पति और बेटी बच निकले, लेकिन मां-बेटे की जान चली गई।
जबलपुर निवासी सैयद रियाज हुसैन ने बताया कि उनकी पत्नी, नाती और साली अब भी लापता हैं। हादसे को लगभग 24 घंटे बीत जाने के बाद परिजनों की उम्मीदें कमजोर पड़ती जा रही हैं, लेकिन वे अब भी अपनों के मिलने की आस लगाए बैठे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक तेज हवाओं के कारण जलाशय में लहरें उफान मारने लगी थीं। क्रूज में सवार लोगों ने चालक दल से नाव को किनारे ले जाने के लिए आवाजें लगाईं, लेकिन बताया जा रहा है कि अफरा-तफरी और तेज हवाओं के बीच उनकी आवाजें क्रू तक नहीं पहुंच सकीं। कुछ ही देर बाद क्रूज बहते हुए असंतुलित हुआ और पलट गया।
स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू में मदद की। बताया जा रहा है कि जिन यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, उनमें से कुछ को रस्सियों की मदद से बाहर निकाला गया। फिलहाल लापता लोगों की तलाश जारी है और प्रशासन पूरे क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चला रहा है।


