नागपुर 06 May, महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद दर्दनाक और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। यहां प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी (IIIT) के एक छात्र ने हॉस्टल की नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली है। इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक दबाव और छात्रों के गिरते मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद से पूरे कैंपस में जहां एक तरफ मातम पसरा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ छात्रों में कॉलेज प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
मृतक छात्र की पहचान श्रेयश चंद्रकांत माने के रूप में हुई है, जो मूल रूप से महाराष्ट्र के ही कोल्हापुर जिले का रहने वाला था। श्रेयश IIIT नागपुर में सेकंड ईयर का छात्र था और अपना सुनहरा भविष्य गढ़ने यहां आया था। बताया जा रहा है कि सोमवार तड़के करीब चार बजे जब हॉस्टल में सब सो रहे थे, तब उसने 9वीं मंजिल से मौत की छलांग लगा दी। सुबह जैसे ही इस खौफनाक घटना की भनक कॉलेज प्रशासन और अन्य छात्रों को लगी, तो पूरे कैंपस में हड़कंप मच गया।
इतनी कम उम्र में आखिर श्रेयश ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, इसके पीछे का कारण बेहद डराने वाला है। प्राथमिक जानकारी और दोस्तों से हुई बातचीत के आधार पर यह बात सामने आ रही है कि श्रेयश की सेमेस्टर परीक्षाएं बिल्कुल सिर पर थीं। उसकी पढ़ाई पूरी नहीं हो पाई थी, जिसे लेकर वह भारी मानसिक तनाव से गुजर रहा था। उसके सहपाठियों ने भी इस बात की तस्दीक की है कि वह पिछले कुछ दिनों से काफी गुमसुम और चिंतित नजर आ रहा था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी मौत के असली कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
घटना की सूचना मिलते ही बटबुरी पुलिस थाने की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने फिलहाल आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है। जांच अधिकारियों का कहना है कि मृतक छात्र का मोबाइल फोन जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है। फोन का लॉक खुलने के बाद उसकी कॉल्स और चैट्स खंगाली जाएंगी, जिसके बाद ही इस पूरे खौफनाक मामले की असली सच्चाई सामने आ सकेगी।
साथी छात्र की इस दर्दनाक मौत ने IIIT कैंपस का माहौल पूरी तरह से गर्मा दिया है। इस घटना से नाराज छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कैंपस में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का सीधा आरोप है कि संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पर्याप्त सुविधाएं और काउंसलिंग सपोर्ट उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते छात्रों को घुट-घुटकर जान देनी पड़ रही है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की है कि काउंसलिंग सिस्टम को तुरंत मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी मौतों को रोका जा सके। वहीं, भारी बवाल के बीच कॉलेज प्रशासन ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है और पुलिस जांच में पूरे सहयोग का भरोसा दिया है।


