*श्रद्धालुगणों को अब सड़क से ही माॅं नर्मदा जी का हो रहा है दर्शन*
*निगमायुक्त ने अधिकारियों के साथ गौरीघाट के तटों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सराहा, इसी तरह नियमित रूप से व्यवस्थित रखने दिये निर्देश*
*स्वच्छ सर्वेक्षण के कार्यो को भी निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने स्वयं परखा और गति को बढ़ाने टीम के सदस्यों को दी समझाइश*
जबलपुर। शहर के सभी गणमान्यजनों और जनप्रतिनिधियों के साकारात्मक सोच और सहयोग से संस्कारधानी की जीवनदायिनी माँ नर्मदा के तट अब अपनी बदली हुई सूरत और भव्यता के लिए पहचाने जाने लगे हैं। शासन की स्माईल प्रोजेक्ट के अंतर्गत नगर निगम के विशेष प्रयासों से गौरीघाट और आस-पास के तट अब पूरी तरह भिक्षावृत्ति और अतिक्रमण से मुक्त हो गए हैं। तटों पर दुकानें व्यवस्थित हो गई हैं और स्वच्छता की सुन्दर झलक दिखाई देने लगी है। इस बदलाव का सबसे अच्छा परिणाम यह है कि अब श्रद्धालुओं को मुख्य सड़क से ही माँ नर्मदा की अविरल धारा के दर्शन सुलभ हो रहे हैं।
*निगमायुक्त ने किया औचक निरीक्षण*
निगमायुक्त ने अधिकारियों की टीम के साथ गौरीघाट के विभिन्न तटों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तटों पर व्याप्त सुव्यवस्थित वातावरण और स्वच्छता को देखकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और टीम की प्रशंसा की। निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि इन व्यवस्थाओं को नियमित और स्थाई रूप से इसी तरह व्यवस्थित रखा जाए ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। तटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम के साथ-साथ थ्री आर सेन्टर की सुविधाएॅं भी उपलब्ध हैं। यहाॅं पर श्रद्धालू आकर सुकून के साथ बैठकर थ्री आर सेन्टर में उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं।
*स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए शहर तैयार*
भ्रमण के दौरान निगमायुक्त ने कहा कि जबलपुर शहर स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिए तैयार है। शहर के नागरिकों में साकारात्मक ऊर्जा का भाव और माहौल दिख रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष आम जनभागीदारी से हम जबलपुर को स्वच्छता मंे अच्छी रैंकिंग दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने निरीक्षण के दौरान स्वच्छता अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का भी सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उन्होंने स्वच्छता के मानकों को स्वयं परखा और फील्ड पर तैनात टीम के सदस्यों को समझाइश दी कि कार्यों की गति को और बढ़ाया जाए। उनका जोर इस बात पर रहा कि जबलपुर को स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष पर लाने के लिए हर स्तर पर गुणवत्तापूर्ण कार्य होना अनिवार्य है। उन्होंने एम.एल.बी. स्कूल परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और अधिक बढ़िया बनाने निर्देश दिये। इस अवसर पर अपर आयुक्त देवेन्द्र सिंह चैहान, अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री शैलेन्द्र मिश्रा, सहायक आयुक्त अंकिता बर्मन, संभागीय अधिकारी पंकज अवस्थी, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अनिल बारी, अर्जुन यादव, उपयंत्री अरूण पटैल, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक वैभव तिवारी, श्रीमती अगस्ते, स्वास्थ्य निरीक्षक अमन चैरसिया, अभिषेक गोसवारी आदि उपस्थित रहे।


