कोलकाता, 11 मई पश्चिम बंगाल के नवगठित मंत्रिमंडल की पहली बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई। इसमें बांग्लादेश के साथ वर्तमान में बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कांटेदार बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को 45 दिनों के भीतर भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि नई कैबिनेट के गठन के 45 दिनों के भीतर बीएसएफ को जमीन सौंपने का वादा भाजपा के संकल्प पत्र में किया गया था और गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसकी घोषणा की थी।
कैबिनेट बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अधिकारी ने कहा, “नई कैबिनेट की पहली बैठक में इस फैसले को मंजूरी दे दी गई।”
बैठक में पारित दूसरा महत्वपूर्ण निर्णय पश्चिम बंगाल में केंद्र प्रायोजित स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत को लागू किया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार ने इस योजना को इस आधार पर लागू नहीं किया था कि राज्य की अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना ‘स्वस्थ साथी’ लागू होने के कारण केंद्र सरकार की योजना अनावश्यक हो गई थी।
सीएम अधिकारी ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य को केंद्र प्रायोजित कई अन्य योजनाओं में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिनमें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री कृषक बीमा योजना, पीएम श्री योजना, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना और उज्ज्वला योजना शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी आवेदनों को जल्द से जल्द केंद्रीय मंत्रालय को भेजें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई कोई भी मौजूदा कल्याणकारी योजना बंद नहीं की जाएगी।
सीएम अधिकारी ने कहा कि कोई भी चालू सामाजिक परियोजना बंद नहीं की जाएगी। हालांकि, गैर-भारतीयों या मृत व्यक्तियों को इन परियोजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा।
साथ ही, उन्होंने कहा कि सोमवार से पश्चिम बंगाल को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 से जोड़ दिया गया है।
उन्होंने कहा, “भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) जैसे पिछले कानूनों को राज्य में लंबे समय से बेहद अवैध तरीके से लागू किया जा रहा था। आज से पश्चिम बंगाल को पूरी तरह से बीएनएस और बीएनएसएस से जोड़ दिया गया है।”
उन्होंने कैबिनेट बैठक में बताया कि राज्य सरकार की नौकरियों के लिए आवेदन करने की ऊपरी आयु सीमा को पांच साल बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है।
सीएम अधिकारी ने कहा, “हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों से पहले हमारे केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा था कि पिछले 15 वर्षों से राज्य सरकार में कोई नई भर्ती नहीं हुई है। कई शिक्षित युवा राज्य सरकार की नौकरियों के लिए आवेदन करने की ऊपरी आयु सीमा पार कर चुके हैं। इसलिए, हमने ऐसे लोगों को नौकरी के लिए आवेदन करने का अवसर प्रदान करने के लिए ऊपरी आयु सीमा को पांच साल बढ़ाने का निर्णय लिया है।”


