जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान प्रदेश में बॉर्डर चेकपोस्ट दोबारा शुरू करने के आदेश पर फिलहाल रोक (Stay) लगा दी है। अदालत के इस फैसले से ट्रक ऑपरेटर्स, ट्रांसपोर्टर्स और परिवहन उद्योग से जुड़े कारोबारियों में राहत और संतोष का माहौल है।
बीते कई दिनों से ट्रांसपोर्टर्स, ट्रक यूनियनों और ड्राइवर संगठनों द्वारा लगातार यह आशंका जताई जा रही थी कि बॉर्डर चेकपोस्ट दोबारा लागू होने से परिवहन व्यवस्था प्रभावित होगी। उनका कहना था कि इससे ट्रकों की लंबी कतारें लगेंगी, अनावश्यक रोक-टोक बढ़ेगी, समय की बर्बादी होगी और व्यापारिक गतिविधियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। साथ ही भ्रष्टाचार बढ़ने और माल परिवहन की गति प्रभावित होने की संभावना भी जताई जा रही थी।
परिवहन व्यवसाय पहले से ही बढ़ते डीजल मूल्य, टैक्स, टोल, परमिट शुल्क और संचालन लागत जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में चेकपोस्ट व्यवस्था की वापसी ने ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की चिंता और बढ़ा दी थी। इस मुद्दे को लेकर परिवहन संगठनों ने एकजुट होकर शासन-प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाई और न्यायालय में भी मजबूती से पक्ष रखा।
हाईकोर्ट द्वारा दिए गए अंतरिम स्थगन आदेश को परिवहन समुदाय अपनी बड़ी जीत मान रहा है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि यह फैसला केवल कानूनी राहत नहीं, बल्कि लाखों ड्राइवरों, क्लीनरों, छोटे ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और उनसे जुड़े परिवारों के हितों की रक्षा करने वाला निर्णय है।
परिवहन संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि जब पूरा परिवहन समुदाय एकजुट होकर आवाज उठाता है, तो उसकी बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह निर्णय एकता, संघर्ष और सामूहिक प्रयास की ताकत को दर्शाता है।
संगठनों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में सरकार परिवहन व्यवसाय की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा समाधान निकालेगी, जिससे व्यापार सुगम बना रहे और अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न न हों।
ट्रक ऑनर एसोसिएशन जबलपुर के परमवीर सिंह, हरप्रीत सिंह वर्क, सुधीर भागचंदानी, प्रिंसी बंगा, बलजीत सिंह मगट, तलविंदर सिंह पाल, अवतार सिंह पलाहा, जसराज सिंह भाटिया, संजय जैन, तजिंदर सिंह अरोड़ा और मनजीत माथारू ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए संघर्ष में साथ देने वाले सभी ट्रांसपोर्टर्स एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है।


