बालाघाट। बालाघाट विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनुभl मुंजारे एक बार फिर अपने विधायक प्रतिनिधियों को लेकर विवादों में घिरती नजर आ रही हैं। जिन विधायक प्रतिनिधियों को पहले सार्वजनिक विवादों और शिकायतों के बाद हटाए जाने की घोषणा की गई थी, वही चेहरे अब फिर विधायक के सरकारी निवास पर सक्रिय दिखाई देने लगे हैं। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
जानकारी के अनुसार विधायक प्रतिनिधि अब्बू शाह पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से बदसलूकी और मोबाइल पर धमकी देने के आरोप लगे थे। मामला सार्वजनिक होने के बाद विधायक द्वारा उन्हें प्रतिनिधि पद से हटाने की बात कही गई थी। वहीं दूसरे प्रतिनिधि निराला पर लालबर्रा क्षेत्र में बन रही सड़क निर्माण में कमीशन मांगने के आरोप लगे थे। उस समय विपक्ष सहित स्थानीय लोगों ने भी इस मामले को जोर-शोर से उठाया था।
लेकिन अब क्षेत्र में चर्चा है कि दोनों ही पूर्व विधायक प्रतिनिधि आज भी विधायक के सरकारी निवास पर पूरे प्रभाव के साथ सक्रिय हैं। सूत्रों का कहना है कि दिनभर अधिकारियों को फोन लगाना, विभागीय कार्यों में हस्तक्षेप करना और पुराने तरीके से काम करवाना लगातार जारी है। इससे यह सवाल खड़ा होने लगा है कि आखिर निष्कासन वास्तविक था या केवल जनता के गुस्से को शांत करने के लिए किया गया कदम।
सबसे ज्यादा चर्चा अब्बू शाह को विधायक निधि से लगभग 90 लाख रुपए के ठेके दिए जाने को लेकर हो रही है। आमजन यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि किसी व्यक्ति को विवादों और शिकायतों के कारण पद से हटाया गया था, तो फिर उसे इतनी बड़ी जिम्मेदारी और आर्थिक लाभ कैसे दिया गया।
क्षेत्र में यह चर्चा भी तेजी से फैल रही है कि विधायक अनुभl मुंजारे सार्वजनिक मंचों पर पारदर्शिता और अनुशासन की बात करती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर वही विवादित चेहरे उनके सबसे करीबी माने जा रहे हैं। कांग्रेस के भीतर भी कई वरिष्ठ कार्यकर्ता इस स्थिति से नाराज बताए जा रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे ऐसे विवादों से विधायक की कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं आम जनता के बीच एक ही चर्चा सुनाई दे रही है — “विधायक जी कहती कुछ हैं और करती कुछ हैं।”


