उमरिया- NEET 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI ने जिला मुख्यालय उमरिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। प्रेस वार्ता के दौरान NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने भाजपा सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देशभर के लाखों छात्र-छात्राएं दिन-रात मेहनत कर NEET जैसी परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने से मेहनती विद्यार्थियों का विश्वास टूटता जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 के AIPMT से लेकर NEET 2024 और अब NEET 2026 तक लगातार प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के मामले सामने आना शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मो. असलम शेर ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा तक नहीं दिला पा रही है तो उसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए जवाब देना चाहिए। NSUI ने मांग की कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तत्काल भंग किया जाए तथा पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच कराई जाए। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली की विफलता की जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए जवाब देने और इस्तीफे की मांग उठाई गई। NSUI का कहना है कि पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता, कानूनी सहयोग और आर्थिक मुआवजा दिया जाना चाहिए। साथ ही यदि परीक्षा दोबारा आयोजित होती है तो छात्रों के लिए मुफ्त परिवहन एवं ठहरने की व्यवस्था सरकार द्वारा कराई जाए। इस दौरान आईटी सेल जिला अध्यक्ष कृष्णकांत तिवारी, कॉलेज अध्यक्ष ओम तिवारी, कार्यवाहक अध्यक्ष अनुज वर्मा, जिला सचिव रचना यादव एवं कॉलेज सचिव मीनाक्षी ताम्रकार मौजूद रहे। NSUI ने छात्रों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 9268030030 जारी करते हुए कहा कि संगठन हर प्रभावित छात्र के साथ खड़ा है और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।


