जबलपुर। जिले में सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बरगी और पाटन थाना क्षेत्रों में दो अलग-अलग वारदातों में अज्ञात चोरों ने बंद घरों के ताले तोड़कर नगदी और जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। दोनों मामलों में पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला बरगी थाना क्षेत्र के ग्राम कालादेही का है। यहां 61 वर्षीय तारा बाई सेन ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 20 मई की शाम करीब 6 बजे वह अपने छोटे बेटे आकाश सेन और नातिन के जन्मदिन में शामिल होने जबलपुर गई थीं। घर में उनके भूरे रंग के पर्स में करीब 20 हजार रुपये रखे थे, जो बच्चों द्वारा घर खर्च के लिए दिए गए थे। वह पर्स घर में ही छोड़कर चली गई थीं।
23 मई की दोपहर करीब 12 बजे गांव के मुन्ना सेन का फोन आया, जिन्होंने बताया कि घर का ताला टूटा हुआ है और पर्स सहित अन्य सामान आंगन में बिखरा पड़ा है। सूचना पर तारा बाई घर पहुंचीं तो देखा कि घर का ताला और कुंदा निकला हुआ था। पर्स और अन्य छोटे सामान आंगन में बिखरे पड़े थे। पर्स चेक करने पर उसमें रखे 20 हजार रुपये गायब मिले। पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ धारा 305(ए) और 331(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
दूसरी वारदात पाटन थाना क्षेत्र के चौपाटी वार्ड में सामने आई। पलक पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह कॉलेज में पढ़ाई करती हैं। 23 मई की रात करीब 8:30 बजे वह परिवार के साथ भंडारा लेकर ग्वारीघाट गई थीं। घर पर कोई नहीं था और सभी दरवाजों व मेन गेट पर ताला लगा हुआ था।
रात करीब 1:40 बजे जब परिवार ग्वारीघाट से वापस लौटा, तो गाड़ी से उतरकर पलक पटेल, उनकी छोटी बहन भूमि पटेल और कशिश पटेल आगे गईं। जैसे ही उन्होंने मेन गेट खोला, एक व्यक्ति दीवार कूदकर भाग गया, जबकि दूसरा व्यक्ति घर की छत पर था, जो छत के पीछे से कूदकर फरार हो गया।
घर के अंदर जाकर देखने पर दो अलमारियों के ताले टूटे मिले। अलमारी में रखे 25 हजार रुपये, चांदी की चेन, अंगूठी, ब्रेसलेट और छोटी बहन की अलमारी में रखे 30 हजार रुपये गायब थे। अज्ञात चोर नगदी और जेवरात चोरी कर फरार हो गए। पुलिस ने धारा 331(4) और 305(ए) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाएं आम लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। घरों में ताले लगे होने के बावजूद चोर बेखौफ वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस की जांच जारी है, लेकिन सूने मकानों की सुरक्षा को लेकर अब लोगों को भी अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।


