भोपाल, 25 मई । जैन समुदाय ने 20 मई को रीवा में हुई ‘हिट-एंड-रन’ की घटना के विरोध में पूरे मध्य प्रदेश सहित देश के अन्य हिस्सों में व्यापक प्रदर्शन किया। इस घटना में दो जैन साध्वियों की मौत हो गई थी जबकि तीसरी साध्वी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
राष्ट्रीय जैन शासन और एकता संघ जैसे संगठनों ने इस दुर्घटना की कड़ी निंदा की है और इसे जैन साधुओं पर एक चौंकाने वाला हमला बताया है।
यह दुखद घटना रीवा के सिविल लाइंस इलाके में कलेक्टर कार्यालय के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार कार ने कथित तौर पर तीन साध्वियों को कुचल दिया। ये साध्वियां अपनी धार्मिक पदयात्रा के तहत सड़क के किनारे पैदल चल रही थीं।
सागर जिले की साध्वी श्रुतमति माता की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य साध्वी ने भी गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। तीसरी साध्वी रीवा के संजय गांधी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं और वेंटिलेटर के सहारे गंभीर हालत में हैं।
आरोपी ड्राइवर की पहचान राशिद अली शाह के रूप में हुई है। आरोपी ड्राइवर हादसे के बाद कार समेत मौके से फरार हो गया था लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। जैन समुदाय ने इस दुर्घटना की प्रकृति पर गंभीर संदेह जताया है। समुदाय के नेताओं ने दावा किया है कि वीडियो फुटेज में साफ तौर पर दिख रहा है कि कार सड़क के बीच से हटकर जानबूझकर शांतिपूर्वक चल रही साध्वियों को टक्कर मारती है। इससे यह संकेत मिलता है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक संभावित साजिश हो सकती है।
उन्होंने ड्राइवर के खिलाफ तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। समुदाय ने कई प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें गहन और निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन, घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए और साधुओं के खिलाफ अपराधों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालत में सुनवाई की जाए।
उन्होंने राष्ट्रीय साधु सुरक्षा नीति लागू करने और जैन मुनियों (भिक्षुओं) व साध्वियों की धार्मिक यात्राओं के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त प्रोटोकॉल बनाने का भी आह्वान किया है।
जैन समुदाय के भीतर गुस्सा तेजी से बढ़ रहा है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि कोई ठोस और त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पूरे देश में भारत बंद और जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे।
कई शहरों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन पहले ही शुरू हो चुके हैं और 25 मई को भोपाल, इंदौर, दिल्ली, अहमदाबाद और मुंबई जैसे स्थानों पर बड़े विरोध प्रदर्शन किए गए।
राज्यसभा सांसद नवीन जैन सहित वरिष्ठ जैन मुनियों और प्रमुख हस्तियों ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और न्याय की अपील की है।
मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है लेकिन समुदाय सार्वजनिक सड़कों पर साधुओं की सुरक्षा के लिए जवाबदेही और दीर्घकालिक उपायों पर जोर देना जारी रखे हुए है।


