नई दिल्ली, 4 जून। नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) के जरिए देश की सभी विधानसभाओं और विधान परिषदों को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित की जा रही नेवा की तीसरी राष्ट्रीय सम्मेलन को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और विधि एवं न्याय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने अपने संदेश जारी किए हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने संदेश में कहा कि उन्हें यह जानकर बेहद खुशी है कि संसदीय कार्य मंत्रालय देश की सभी विधायिकाओं के कामकाज को डिजिटल माध्यम से बदलने के उद्देश्य से नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) का तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर रहा है। उन्होंने बताया कि नेवा भारत सरकार की एक मिशन मोड परियोजना है, जिसका उद्देश्य सभी विधानसभाओं और विधान परिषदों के कामकाज को पेपरलेस, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। किरेन रिजिजू ने कहा कि नेवा एक परिवर्तनकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है, जिसने विधायिकाओं के कार्यों को अधिक जवाबदेह, कुशल और नागरिकों के लिए सुलभ बनाया है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने नेवा से जुड़ने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि 20 विधायिकाएं इस प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं। उन्होंने शेष राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भी जल्द से जल्द इस मंच से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि ‘वन नेशन, वन एप्लिकेशन’ के विजन को साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन में राज्यों और नोडल विभागों के बीच अनुभवों, चुनौतियों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा किया जाएगा, जिससे पूरे देश में नेवा के तेजी से विस्तार का रास्ता और मजबूत होगा।


