जबलपुर। मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 के प्रासंगिक प्रावधानों, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 तथा राष्ट्रीय भवन निर्माण मानक, 2026 के अग्नि एवं जीवन सुरक्षा प्रावधानों के आलोक में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए नगर निगम ने एक बेहद सुरक्षात्मक मुहिम शुरू की है। इस संबंध में निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने देश के अन्य हिस्सों में हुई दुखद अग्नि दुर्घटनाओं के प्रकाश में नगर निगम के अग्निशमन और भवन शाखा को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि शहर के सभी कमर्शियल हब्स की जाॅंच टीम के साथ करें और अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने ने जबलपुर सीमा में आने वाले सभी होटलों, अस्पतालों, नर्सिंग होम, मॉल, गोदामों, मैरिज गार्डनों और औद्योगिक इकाइयों को भी 72 घंटे के भीतर 08 जून 2026 की शाम 06ः00 बजे तक अपनी विस्तृत फायर सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि केवल बिल्डिंग में अग्निशामक यंत्र रखना काफी नहीं होगा, बल्कि स्प्रिंकलर, फायर पंप, इमरजेंसी एग्जिट, और अलार्म सिस्टम जैसी हर एक व्यवस्था का चालू हालत में होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि समय रहते फायर सेफ्टी ऑडिट होने से किसी भी संभावित खतरे को पहले ही पहचान कर ठीक कर लिया जाएगा, जिससे भविष्य में होने वाले हादसों को टाला जा सकेगा। अस्पतालों और होटलों जैसी जगहों पर मरीजों और आम जनता की सुरक्षा 100 प्रतिशत पुख्ता होगी। नए नियमों के तहत अब इन संस्थानों के स्टाफ को फायर ड्रिल और आपातकालीन स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। निगमायुक्त ने बताया कि संस्थानों की सहूलियत के लिए निगम ने हार्ड कॉपी के साथ-साथ ईमेल firennjabalpur@gmail.com अथवा feuerwehrjmc@gmail.com के जरिए पीडीएफ सबमिट करने का भी विकल्प दिया है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो सके।


