30.8 C
Jabalpur
June 6, 2026
सी टाइम्स
बॉलीवुडमनोरंजन

‘जो पर्यावरण के साथ हो रहा है, वही हमारे साथ भी हो रहा’, दीया मिर्जा का विश्व पर्यावरण दिवस पर संदेश



मुंबई, 5 जून । बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा पर्यावरण संरक्षण को लेकर हमेशा मुखर रही हैं। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में दीया मिर्जा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों के स्वास्थ्य, जीवनशैली और सामाजिक न्याय से भी सीधे तौर पर जुड़ चुका है। उन्होंने लोगों से छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगदान देने की अपील की।

दरअसल, विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) द्वारा क्लाइमेट बजट 2026-27 जारी किया गया। इस कार्यक्रम में दीया मिर्जा भी शामिल हुईं। उन्होंने बताया, ”कार्यक्रम के दौरान जलवायु परिवर्तन और उसके सामाजिक प्रभावों पर चर्चा हुई। यह समझना बेहद जरूरी है कि क्लाइमेट चेंज केवल मौसम का बदलाव नहीं है, बल्कि इसका असर समाज के हर वर्ग पर पड़ता है। खासतौर पर कमजोर और संसाधनों की कमी से जूझ रहे लोगों पर इसका प्रभाव और ज्यादा दिखाई देता है।”

दीया मिर्जा ने कहा, ”जलवायु परिवर्तन जैसी बड़ी चुनौती से निपटने के लिए केवल सरकारों या संस्थाओं का प्रयास काफी नहीं है। इसके लिए समाज, प्रशासन, उद्योग और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। अगर हम वास्तव में अपने क्लाइमेट गोल्स हासिल करना चाहते हैं तो एकजुट होकर प्रयास करना होगा।”

अभिनेत्री ने कहा, ”आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग कई बार पर्यावरणीय मुद्दों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि जलवायु परिवर्तन का असर हर व्यक्ति रोज महसूस कर रहा है। बढ़ती गर्मी, पानी की कमी, खराब होती हवा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं अब हर शहर और हर परिवार की चिंता बन चुकी हैं, इसलिए अब केवल चर्चा करने का समय नहीं है, बल्कि समाधान अपनाने का समय है।”

दीया मिर्जा ने कार्यक्रम में कुछ ऐसे उपायों का भी जिक्र किया, जिन्हें आम लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से अपना सकते हैं। उन्होंने खासतौर से सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को बंद करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ”अगर लोग प्लास्टिक की बोतलों या फिर सिंगल-यूज प्रोडक्ट्स का उपयोग कम करें तो पर्यावरण पर इसका बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अगर मेरी इस आदत से हजारों प्लास्टिक की बोतलों को पर्यावरण में जाने से रोका जा सकता है तो सोचिए करोड़ों लोगों के ऐसा करने से कितना बड़ा बदलाव आ सकता है। पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत व्यक्तिगत जिम्मेदारी से होती है, क्योंकि जो पर्यावरण के साथ हो रहा है, वही हमारे साथ भी हो रहा है।”

अन्य ख़बरें

मराठी मेरी पहचान है, लेकिन नई भाषाएं सीखना रोमांचित करता है : शरवरी वाघ

Newsdesk

हिंदी सिनेमा के दिग्गज फनकार राजेंद्र कृष्ण ने संगीत जगत को दिया नया आयाम

Newsdesk

विश्व पर्यावरण दिवस पर भूमि पेडनेकर का संदेश, बोलीं-धरती सिर्फ रहने की जगह नहीं, हमारी सबसे बड़ी विरासत

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading