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नई दिल्ली, 6 जून सरकार ने शनिवार को बताया कि आयुष्मान भारत वय वंदना योजना के तहत अब तक 1.20 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। इस योजना के अंतर्गत 13.84 लाख से ज्यादा उपचार किए गए हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 3,000 करोड़ रुपए रही है।
सरकार के अनुसार, मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत उन 5.46 करोड़ बच्चों और 1.32 करोड़ गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया, जिन्हें पहले कोई टीका नहीं लगा था।
एक अधिकारिक बयान में कहा गया कि वर्ष 2023 में बिना कोई टीका प्राप्त करने वाले बच्चों (जीरो-डोज बच्चों) की हिस्सेदारी कुल आबादी का 0.11 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2024 में घटकर 0.06 प्रतिशत रह गई।
सरकार सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) चला रही है, जिसके तहत हर साल 2.67 करोड़ नवजात शिशुओं और 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं को 12 बीमारियों से बचाव के लिए मुफ्त टीके उपलब्ध कराए जाते हैं।
पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए सरकार ने कहा कि 44 करोड़ से अधिक परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिला है और 1.86 लाख से ज्यादा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए जा चुके हैं।
सरकार ने बताया कि 18,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों के माध्यम से जेनेरिक दवाएं बाजार कीमतों की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बयान के अनुसार, देश में अब तक 47 करोड़ से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श सेवाएं दी जा चुकी हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है और वर्ष 2014 के बाद 12 नए एम्स संस्थान कार्यरत हो चुके हैं।
सरकार ने यह भी कहा कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को औपचारिक रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली का हिस्सा बनाया गया है।
सरकार के मुताबिक, बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को पूरा करने के लिए डॉक्टरों और नर्सों के प्रशिक्षण की क्षमता को दोगुना से अधिक बढ़ाया गया है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के तहत सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपए तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है।
ऐसे परिवार देश की कुल आबादी का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा हैं, जो करीब 12 करोड़ परिवारों के बराबर हैं। यह योजना इन परिवारों को इलाज पर होने वाले भारी खर्च से बचाने में मदद करती है।
सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 44.14 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा, 12.03 करोड़ अस्पताल में भर्ती होने के मामलों को कवर किया गया है और लगभग 1,80,435 करोड़ रुपए मूल्य का इलाज उपलब्ध कराया गया है।
इस योजना के तहत 36,218 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें 19,659 सरकारी और 16,559 निजी अस्पताल शामिल हैं।


