*वार्ड 11 में हादसे का खतरा मंडराया, पार्षद ने बरसात से पहले दीवारें गिराने की उठाई मांग*
बालाघाट।शहर के वार्ड क्रमांक 11 में स्थित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का एक जर्जर भवन विभागीय लापरवाही की कहानी बयां कर रहा है। वर्षों पुराने इस भवन का पिछला हिस्सा करीब चार माह पहले भरभराकर गिर चुका है, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने शेष खड़ी खतरनाक दीवारों को हटाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। हालत यह है कि कमजोर और दरक चुकी दीवारें कभी भी गिर सकती हैं और किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। वार्ड की पार्षद श्रीमती सरिता महेंद्र उईके ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री बी.एस. अड़मे को लिखित आवेदन सौंपकर भवन की दीवारों को तत्काल डिस्मेंटल कराने की मांग की है। उन्होंने आवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि हनुमान मंदिर के समीप स्थित यह भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में है और इसका एक हिस्सा पहले ही धराशायी हो चुका है। इसके बावजूद विभाग की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन की दीवारें लगातार कमजोर होती जा रही हैं। बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। यदि दीवारें अचानक गिरती हैं तो राहगीरों, आसपास के रहवासियों तथा मंदिर आने-जाने वाले लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। पार्षद का कहना है कि उन्होंने पूर्व में भी भवन की तस्वीरों सहित शिकायत विभाग को सौंपी थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या विभाग किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जागेगा? क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि संभावित हादसे को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जर्जर भवन को नहीं हटाया गया तो किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित विभाग की मानी जाएगी।
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