सामतपुर, डोंगरांटोला एवं छुल्हा में 10 दिवसीय शिविर का उत्साहपूर्ण समापन, बच्चों ने प्रस्तुत किए गांव विकास के नवाचारपूर्ण विचार*
अनूपपुर। आज के दौर में जब बच्चों का अधिकांश समय मोबाइल और डिजिटल दुनिया में व्यतीत हो रहा है, ऐसे समय में जनजातीय कार्य विभाग एवं मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘सक्षम कार्यक्रम’ बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बनकर सामने आया है। विकासखंड जैतहरी के ग्राम छुल्हा, डोंगरांटोला तथा नगर पालिका क्षेत्र अनूपपुर के सामतपुर वार्ड में आयोजित 10 दिवसीय समर कैंप का समापन उत्साह, ऊर्जा और नई उम्मीदों के साथ संपन्न हुआ।
20 मई से 6 जून तक चले इस शिविर में बच्चों ने केवल खेलकूद और मनोरंजन ही नहीं किया, बल्कि जीवन कौशल, पर्यावरण संरक्षण, लैंगिक समानता, बाल संरक्षण, नेतृत्व विकास एवं सामाजिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी व्यवहारिक रूप से समझा। सामुदायिक युवा लीडर तमन्ना कोल, रानी पाण्डेय एवं अरुण सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित गतिविधियों ने बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।
शिविर के दौरान बच्चों ने “मेरे सपनों का गांव” तथा पर्यावरण संरक्षण विषयों पर चित्र, मॉडल और विचार प्रस्तुत कर यह संदेश दिया कि ग्रामीण विकास और प्रकृति संरक्षण में नई पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। बच्चों द्वारा प्रस्तुत नवाचारपूर्ण सुझावों ने यह साबित किया कि यदि उन्हें सही मंच और अवसर मिले तो वे समाज के सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बन सकते हैं।
समापन समारोह में गीत, नृत्य, कविता, कहानी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों ने बच्चों में आए सकारात्मक बदलावों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर न केवल बच्चों को नई दिशा देते हैं, बल्कि समाज में जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने का कार्य भी करते हैं।
सक्षम कार्यक्रम के विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक आशीष मिश्रा ने कहा कि बच्चों के भीतर छिपी नेतृत्व क्षमता को विकसित करना और उन्हें सामाजिक सरोकारों से जोड़ना ही इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है। वहीं जिला कार्यक्रम प्रबंधक मेघा दीवान ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है।
कार्यक्रम में शिक्षिका मीना मिश्रा, सेवानिवृत्त शिक्षक एवं जनप्रतिनिधि सुदर्शन सिंह, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सोमबती जी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
यह समर कैंप इस बात का जीवंत उदाहरण बना कि जब समाज, विद्यालय, अभिभावक और युवा मिलकर बच्चों के विकास के लिए कार्य करते हैं, तब केवल एक शिविर नहीं, बल्कि जागरूक, संवेदनशील और सशक्त समाज की नींव तैयार होती है।
यह संस्करण समाचार के साथ-साथ सामाजिक संदेश और जनजागरण की दृष्टि से भी अधिक प्रभावशाली है।


