सड़क बनी चौपाटी, फुटपाथ पर कब्जा; यातायात और सुरक्षा दोनों पर संकट
जबलपुर। शहर का सबसे विकसित और पॉश माना जाने वाला विजय नगर क्षेत्र इन दिनों अवैध अतिक्रमण की गिरफ्त में है। सर्वे ऑफ इंडिया कार्यालय के सामने मुख्य सड़क और फुटपाथ पर रोज शाम लगने वाली अवैध चौपाटी अब स्थानीय रहवासियों के लिए सिरदर्द बन चुकी है। सड़क किनारे दर्जनों ठेले, फास्ट फूड स्टॉल और अस्थायी दुकानें लगने से न केवल यातायात व्यवस्था चरमरा रही है, बल्कि क्षेत्र में असुरक्षा और अव्यवस्था का माहौल भी बन रहा है।
शाम ढलते ही चाट, समोसे, चायनीज और फास्ट फूड के ठेलों की कतारें सज जाती हैं। खाने-पीने के शौकीनों की भीड़ उमड़ पड़ती है और उनके वाहन सड़क व फुटपाथ पर ही खड़े हो जाते हैं। नतीजा यह होता है कि मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लगने लगता है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि फुटपाथ का निर्माण लोगों की सुविधा के लिए किया गया था, लेकिन वर्तमान में उस पर पूरी तरह कब्जा कर व्यवसाय संचालित किए जा रहे हैं। मजबूरन लोगों को सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। शाम के समय स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
रहवासियों का आरोप है कि खान-पान की दुकानों की आड़ में देर रात तक युवकों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। कई बार देर रात तक शोर-शराबा और हंगामे जैसी स्थिति बनी रहती है, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों की शांति भंग होती है। लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र धीरे-धीरे सार्वजनिक अव्यवस्था का केंद्र बनता जा रहा है।
शाम के समय टहलने निकलने वाली महिलाओं, युवतियों और बुजुर्गों ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि भीड़भाड़ और संदिग्ध गतिविधियों के कारण वे अब इस मार्ग का उपयोग करने से बचने लगी हैं। सार्वजनिक स्थानों पर अनियंत्रित भीड़ और वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन को कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक केवल औपचारिक कार्रवाई ही हुई है। कुछ दिनों की सख्ती के बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। लोगों की मांग है कि अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए।
नगर निगम के प्रभारी अतिक्रमण अधिकारी केपीएस रावत ने कहा है कि सर्वे ऑफ इंडिया कार्यालय के सामने लगने वाले अवैध ठेले-टपरों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नगर निगम और पुलिस विभाग संयुक्त अभियान चलाएंगे ताकि सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराया जा सके।
बड़ा सवाल
जब शहर का सबसे विकसित और व्यवस्थित माना जाने वाला विजय नगर क्षेत्र ही अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है, तो अन्य इलाकों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। सवाल यह है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है और आखिर कब तक सड़कें चौपाटियों और अतिक्रमणकारियों के कब्जे में रहेंगी?


