100 युवतियां और 50 युवक अहमदाबाद की यजाकी कंपनी में करेंगे कार्य
अब तक 5000 से अधिक युवाओं को मिल चुका रोजगार
जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज 13 जून 2026 को बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री एवं मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने 150 से अधिक युवक-युवतियों को रोजगार के लिए गुजरात के अहमदाबाद स्थित साणंद की यजाकी कंपनी में कार्य करने हेतु रवाना किया।
जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जिले के विभिन्न नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार मेलों का आयोजन किया गया था। इन रोजगार मेलों में प्रतिष्ठित कंपनियों के माध्यम से युवाओं के साक्षात्कार कराए गए, जिनमें चयनित अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। इसी प्रक्रिया के तहत चयनित 150 युवाओं को आज रोजगार के लिए अहमदाबाद भेजा गया। रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं में 100 युवतियां एवं 50 युवक शामिल हैं। रोजगार मिलने से सभी युवाओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। युवाओं ने कहा कि रोजगार मिलने से वे आत्मनिर्भर बनेंगे और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में योगदान दे सकेंगे।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह स्वयं बस में चढ़कर युवाओं से मिले, उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इसके बाद उन्होंने हरी झंडी दिखाकर सभी युवाओं को अहमदाबाद के लिए रवाना किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार से जोड़ना न केवल उनके भविष्य को सुरक्षित बनाता है, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास और सामाजिक सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
युवाओं ने रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, कलेक्टर श्री मृणाल मीणा एवं पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के प्रयासों से उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिला है।जिला प्रशासन के अनुसार अब तक बालाघाट जिले के 5000 से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराते हुए अहमदाबाद, बेंगलुरु और पुणे जैसे औद्योगिक शहरों में विभिन्न कंपनियों में भेजा जा चुका है। इससे हजारों युवा आत्मनिर्भर बने हैं और अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रशासन का मानना है कि रोजगार आधारित यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ जिले के विकास को नई दिशा देने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।


