जबलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने पति और ससुर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। मर्ग जांच में दहेज प्रताड़ना के आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि ससुर के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली रितेश कुमार शिव के अनुसार, 15 जून 2026 को पंजाब बैंक कॉलोनी कोतवाली निवासी सुमित अहिरवार उम्र 28 वर्ष ने सूचना दी थी कि 14 जून की शाम वह काम से घर लौटा, तो उसका करीब 7 माह का बेटा रो रहा था। पत्नी को आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला। जब वह ऊपर गया, तो पत्नी विनीता अहिरवार उम्र 24 वर्ष गंभीर अवस्था में मिली। परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतका विनीता अहिरवार के मायके पक्ष के बयान दर्ज किए गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि विनीता की शादी 4 मई 2023 को हिंदू रीति-रिवाज से सुमित अहिरवार के साथ हुई थी। शादी के लगभग एक वर्ष बाद से पति सुमित अहिरवार और ससुर बलराम अहिरवार दहेज में मोटरसाइकिल या मोटरसाइकिल के लिए एक लाख रुपये नगद लाने की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहे थे।
मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर विनीता के साथ मारपीट की जाती थी और उसे शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर विनीता ने 14 जून की शाम अपनी ससुराल पंजाब बैंक कॉलोनी कोतवाली में आत्महत्या कर ली।
मर्ग जांच में मिले तथ्यों के आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पति सुमित अहिरवार और ससुर बलराम अहिरवार के खिलाफ धारा 80(2), 85, 3(5) बीएनएस तथा धारा 3 और 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
पुलिस ने आरोपी पति सुमित अहिरवार को अभिरक्षा में ले लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विवेचना कर रही है और ससुर की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर दहेज प्रताड़ना जैसे सामाजिक अपराध और उसके भयावह परिणामों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।


