35.3 C
Jabalpur
June 20, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

पश्चिम बंगाल दिवस पर सीएम अधिकारी बोले- वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण के काले अध्याय का अंत

कोलकाता, 20 जून । पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे अहम दिन बताया है। इसके साथ ही पिछली टीएमसी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “आज 20 जून है। यह पश्चिम बंगाल के इतिहास में एक बेहद अहम दिन है और बंगालियों के लिए किस्मत तय करने वाला दिन है। इस ऐतिहासिक दिन पर, मैं राज्य के सभी निवासियों को दिल से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।” मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर लिखा, “कई दशकों के बाद, पहली बार हमारी राष्ट्रवादी सरकार, ‘भारत केसरी’ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के महान आदर्शों से प्रेरित होकर, पश्चिम बंगाल के बनने की सच्ची और ऐतिहासिक घटनाओं को पूरी मान्यता देते हुए आधिकारिक तौर पर ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ मना रही है। हमारे इतिहास को मिटाने की घिनौनी साजिश आज खत्म हो गई है। वोट-बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण के काले अध्याय का अंत हो गया है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “अफसोस की बात है कि पिछली सरकार ने सिर्फ अपने वोट बैंक को बचाने और बेशर्म तुष्टीकरण की राजनीति को साधने के लिए इस पवित्र दिन के महत्व को पूरी तरह दबाने की कोशिश की थी। बंगाली अस्मिता के लिए किए गए इस संघर्ष को इतिहास के पन्नों से मिटाने की कोशिश की गई, ताकि लोग अपनी जड़ों और पश्चिम बंगाल के बनने के पीछे के असली नायकों को भूल जाएं। लेकिन सच को कभी भी हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता। हमारी सरकार ने आज उस ऐतिहासिक गलती को सुधारा है और बंगाल के सच्चे इतिहास को उसके सही सम्मान के साथ स्थापित किया है।”

मुख्यमंत्री अधिकारी ने आगे कहा, “बंगाली हमेशा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऋणी रहेंगे। आज इस खास दिन पर, हम अपने महान राष्ट्रीय नेता को गहरे सम्मान के साथ याद करेंगे, जिनकी दूरदर्शिता के बिना आज भारत के नक्शे पर पश्चिम बंगाल नाम का कोई राज्य नहीं होता। जब अविभाजित बंगाल को पूरी तरह से पाकिस्तान में मिलाने की खतरनाक योजना बनाई जा रही थी, तब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उसके खिलाफ एक अटूट किले की तरह खड़े रहे। उन्हीं के अडिग नेतृत्व, जबरदस्त आंदोलन और दूरदर्शी सोच की वजह से पाकिस्तान के चंगुल से मुक्त होकर भारत के अभिन्न अंग के रूप में ‘पश्चिम बंगाल’ राज्य का गठन संभव हो पाया।” मुख्यमंत्री एक्स पर आगे लिखा, “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज और वे सभी महान हस्तियां और तत्कालीन पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्य, जिनकी कोशिशों, दूरदर्शिता और ऐतिहासिक फैसलों ने पश्चिम बंगाल को भारत का अभिन्न अंग बनाया, हम उनके बहुत बड़े ऋणी हैं। अगर उन्होंने उस दिन बंगालियों के लिए यह सुरक्षित ठिकाना न बनाया होता, तो आज हमारी संस्कृति, भाषा और हमारा अस्तित्व ही संकट में होता। आज पश्चिम बंगाल दिवस के इस शुभ अवसर पर, आइए हम सब मिलकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों और आदर्शों को अपना मार्गदर्शक मानते हुए एक नए, सुरक्षित और समृद्ध पश्चिम बंगाल के निर्माण का संकल्प लें।”

अन्य ख़बरें

12 शांति समझौतों और 10 हजार उग्रवादियों के आत्मसमर्पण से बदली पूर्वोत्तर की तस्वीर: सीएम सरमा

Newsdesk

परभणी के हनुमान मंदिर में सभा मंडप की छत गिरी, हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है

Newsdesk

प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा को दी 47,600 करोड़ रुपए की सौगात, किया विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading