August 28, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

अगर शिवसैनिक पद छोड़ने को कहेंगे तो मैं इस्तीफा दे दूंगा: उद्धव ठाकरे

मुंबई, 19 जून । मुंबई में उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को शिवसेना की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर पार्टी के भीतर चल रहे तीव्र मतभेदों पर संबोधन किया। इस दौरान उन्होंने उन धारणाओं को खारिज कर दिया कि वे सत्ता से चिपके रहने के लिए बेताब हैं। छह लोकसभा सांसदों के विद्रोह का सामना करते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने घोषणा की कि मैं राजनीति में बलपूर्वक पद पर बने रहने के लिए नहीं आया था। जब तक मेरे सामने खड़े लाखों शिवसैनिक चाहते हैं कि मैं नेतृत्व करूं, मैं लड़ता रहूंगा। लेकिन जिस क्षण आप, बालासाहेब की शिवसेना के सच्चे कार्यकर्ता, मुझसे कहेंगे कि अब जाने का समय आ गया है, मैं बिना किसी हिचकिचाहट के पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने वफादार पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अपने संबंधों और दलबदल करने वाले सांसदों के कार्यों के बीच अंतर को भी स्पष्ट किया। उन्होंने इन सांसदों पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में पद पाने के लिए बंद दरवाजों के पीछे सौदेबाजी करने और निजी लाभ के लिए अपनी निष्ठा बदलने का आरोप लगाया। ठाकरे ने पार्टी की स्थापना दिवस रैली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट पर निशाना साधा। यह भाषण ठाकरे खेमे में नए सिरे से फूट की खबरों के बीच आया, जिसमें कथित तौर पर छह सांसदों ने बागी रुख अख्तियार कर लिया है। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावुक ठाकरे ने दलबदल करने वाले नेताओं के कार्यों के लिए मतदाताओं से माफी मांगी और भीड़ को याद दिलाया कि इन व्यक्तियों ने पार्टी के जमीनी स्तर के समर्थन के बल पर चुनाव जीता था। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में आज यह विश्वासघात हुआ है, वहां के मतदाताओं से मैं माफी मांगता हूं।

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