ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को राजनांदगाँव से किया गया गिरफ्तार
पन्ना, 18 जून (वार्ता) मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की पुलिस द्वारा ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव से गिरफ्तार किया गया है।पन्ना पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के निर्देशन पर साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना अमानगंज पुलिस एवं साइबर सेल पन्ना की संयुक्त कार्रवाई में दो लाख 47 हजार रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को ग्राम डुण्डेरा थाना डोगरगढ जिला राजनांदगाँव से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मामले के संबंध में थाना पुलिस से गुरुवार को मिली जानकारी के अनुसार फरियादी मस्तराम पाल निवासी ग्राम जैतुपुरा, थाना अमानगंज ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका एसबीआई बैंक अमानगंज में खाता संचालित है। बैंक में खाते की जानकारी लेने पर उसे ज्ञात हुआ कि उसके खाते से 20 जनवरी 2025 से 20 मई 2026 के बीच किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन माध्यम से कुल 2,47,000 रुपये की राशि धोखाधड़ी पूर्वक निकाल ली गई है। इस संबंध में फरियादी द्वारा एनसीआरपी पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर थाना अमानगंज में अपराध क्रमांक 302/2026 धारा 318(4), 319(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
गोवंश संरक्षण पर गंभीर पहल की जरूरत: अविमुक्तेश्वरानंद
मेरठ, 18 जून (वार्ता) उत्तर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने गोवंश संरक्षण और गोसेवा के मुद्दे पर केंद्र तथा राज्य सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह विषय देश और समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसके स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए।यहां बिजली बंबा बाईपास स्थित भडाना फार्म हाउस में आयोजित एक निजी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि गोवंश संरक्षण को लेकर स्पष्ट और प्रभावी नीति की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कुछ नीतियां और सार्वजनिक वक्तव्य इस विषय पर सकारात्मक संदेश देने में सफल नहीं रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व में जम्मू-कश्मीर में गोहत्या पर प्रतिबंध था लेकिन समय के साथ कानूनी व्यवस्थाओं में परिवर्तन हुए हैं। उनके अनुसार गोवंश संरक्षण के प्रश्न पर व्यापक और गंभीर विचार-विमर्श की आवश्यकता है।कार्यक्रम के अंत में शंकराचार्य ने उपस्थित लोगों को गोसेवा और गोवंश संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए समाज से इस दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
सुकमा में तूफान प्रभावित 474 लोगों को 69 लाख रुपये से अधिक की राहत
सुकमा, 18 जून (वार्ता) छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हाल ही में आए आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 474 हितग्राहियों को 69 लाख 32 हजार 700 रुपये की सहायता राशि वितरित की है।आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के तहत प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर संचालित की गई।
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के खातों तथा अन्य माध्यमों से वितरित की गई। सर्वाधिक प्रभावित तोंगपाल क्षेत्र में 36 लाख रुपये की तात्कालिक राहत राशि प्रदान की गई।आपदा के दौरान जनहानि एवं मवेशियों की क्षति से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई गई है। वहीं जिले में क्षतिग्रस्त हुए 1,407 मकानों का प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा लगभग 2.5 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन कर मरम्मत एवं पुनर्स्थापना कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
मुर्मु के बैतूल आगमन पर हुआ भव्य स्वागत
बैतूल, 18 जून (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रथम बैतूल आगमन पर गुरुवार को हेलीपेड परिसर में उनका गरिमामय एवं आत्मीय स्वागत किया गया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने श्रीमती मुर्मु को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, जिले के प्रभारी एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल तथा बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी उनका अभिनंदन किया।
प्रोटोकॉल के तहत अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला, विशेष पुलिस महानिदेशक (एसडीजी) रवि गुप्ता, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे तथा पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने राष्ट्रपति का स्वागत कर उनका अभिवादन किया।राष्ट्रपति के स्वागत के लिए सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित की गई थीं। उनके आगमन के साथ ही जिले में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर उत्साह का माहौल रहा।
उच्चतम न्यायालय के फैसले के विरोध में एबीआरएसएम ने धरना दिया
भीलवाड़ा, 18 जून (वार्ता) उच्चतम न्यायालय द्वारा 29 मई 2026 को प्राथमिक शिक्षा के शिक्षकों के संदर्भ में दिये गये एक फैसले के विरोध में गुरुवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) विद्यालय शिक्षा द्वारा राजस्थान के भीलवाड़ा में जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।इस विरोध प्रदर्शन में भीलवाड़ा जिले सहित देश भर के विभिन्न जिलों से आये सैकड़ों शिक्षकों ने शिरकत की और केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
एबीआरएसएम के प्रांत संगठन मंत्री कैलाश सुथार ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले के अनुसार, वर्ष 2010 से पूर्व सेवा में आये सभी प्राथमिक शिक्षकों के लिए भी अब टेट परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। श्री सुथार ने कहा कि जो शिक्षक पिछले कई दशकों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं और जिनके पास लंबा शैक्षणिक अनुभव है, उन्हें इस उम्र में परीक्षा देने के लिए बाध्य करना तर्कसंगत नहीं है।


