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June 22, 2026
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राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों की संपत्तियों की निष्पक्ष जांच हो : श्रीधर शर्मा, पूर्व सचिव, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी


अनूपपुर/ मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव श्रीधर शर्मा ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ व्यक्तियों की संपत्तियों को लेकर सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े किसी भी संस्थान पर यदि वित्तीय अनियमितताओं या संपत्ति में असामान्य वृद्धि के आरोप लगते हैं, तो उनकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सत्य जनता के सामने आ सके।
श्रीधर शर्मा ने कहा कि लगभग पांच वर्ष पूर्व भी उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव चंपत राय से जुड़े कुछ मामलों पर सवाल उठाए थे, लेकिन उन पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। उनका आरोप है कि समय रहते तथ्यों की जांच की जाती तो आज इस प्रकार के विवाद और चर्चाएं सामने नहीं आतीं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों में ट्रस्ट से जुड़े एक व्यक्ति और उनके परिजनों अथवा सहयोगियों की संपत्तियों में कथित रूप से हुई वृद्धि का उल्लेख किया जा रहा है। इन दावों की सत्यता की पुष्टि करना संबंधित जांच एजेंसियों का दायित्व है। श्री शर्मा का कहना है कि केवल आरोप लगाने वालों से सबूत मांगने के बजाय सक्षम एजेंसियों को स्वयं दस्तावेजों और वित्तीय अभिलेखों की जांच करनी चाहिए।
श्री शर्मा ने मांग की कि यदि किसी व्यक्ति की आय और संपत्ति को लेकर सार्वजनिक स्तर पर प्रश्न उठ रहे हैं, तो ट्रस्ट से जुड़े सभी संबंधित व्यक्तियों की संपत्तियों और आय के स्रोतों की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल तथ्यों का पता चलेगा, बल्कि धार्मिक संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।
इस बीच ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर पूर्व में अपनी आपत्तियां सार्वजनिक रूप से व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और संत समाज की भागीदारी सुनिश्चित होना आवश्यक है।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे विभिन्न दावों की अभी तक किसी सक्षम जांच एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। न ही संबंधित पक्षों की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति केवल निष्पक्ष जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
श्रीधर शर्मा ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि धर्म और आस्था से जुड़े संस्थानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने मांग की कि मामले की व्यापक जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए, जिससे किसी भी प्रकार की आशंका या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।

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