*शासन के निर्देशों की अनदेखी कर किए गए स्थानांतरण, आदेश निरस्त करने की मांग। कन्हैयालाल मिश्र*
अनूपपुर। भारतीय गण वार्ता उर्फ भगवा पार्टी के जिला अध्यक्ष कन्हैयालाल मिश्र ने आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा जारी हालिया शिक्षक स्थानांतरण आदेशों पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा है कि यदि जनगणना-2027 के कार्य में संलग्न शिक्षकों एवं कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है, तो यह शासन एवं भारत सरकार के स्पष्ट निर्देशों के विपरीत है।
प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए श्री मिश्र ने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि जनगणना कार्य में नियुक्त प्रगणक, पर्यवेक्षक एवं अन्य कर्मचारियों का स्थानांतरण जनगणना कार्य पूर्ण होने तक नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद आदिम जाति कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती सरिता नायक द्वारा जारी स्थानांतरण सूची में ऐसे कर्मचारियों के नाम शामिल होने की जानकारी सामने आ रही है, जिनकी ड्यूटी जनगणना कार्य में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि अनूपपुर संकुल के निकोडम खलखो, उमाशंकर पटेल एवं संपत मिश्रा तथा चचाई संकुल के बृजेंद्र सोनी सहित अन्य कर्मचारियों के संबंध में यह चर्चा है कि वे जनगणना कार्य से जुड़े हुए हैं। यदि अभिलेखों में उनकी नियुक्ति जनगणना कार्य हेतु दर्ज है, तो उनका स्थानांतरण शासन के आदेशों की भावना के विपरीत माना जाएगा।कन्हैयालाल मिश्र ने कहा कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसकी सफलता कर्मचारियों की निरंतर उपलब्धता और क्षेत्रीय अनुभव पर निर्भर करती है। ऐसे में जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों का स्थानांतरण न केवल शासन के निर्देशों का उल्लंघन है, बल्कि इससे जनगणना कार्य की गुणवत्ता एवं समयबद्धता भी प्रभावित हो सकती है।उन्होंने जिला प्रशासन एवं राज्य शासन से मांग की है कि संबंधित स्थानांतरण आदेशों की तत्काल समीक्षा कराई जाए तथा जिन कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी लगी हुई है, उन्हें स्थानांतरण से छूट प्रदान की जाए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह भी स्पष्ट किया जाए कि शासन के निर्देशों के बावजूद ऐसे आदेश किन परिस्थितियों में जारी किए गए।भगवा पार्टी के जिला अध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी के साथ अन्याय हुआ है, तो उसे न्याय मिलना चाहिए। शासन द्वारा स्वयं जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित कर्मचारियों को राहत प्रदान करेगा तथा भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।”जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लगे कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना और शासन के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है। यदि कहीं त्रुटि हुई है तो उसका तत्काल निराकरण किया जाना चाहिए।”


