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June 22, 2026
सी टाइम्स
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रसायन प्रयोगशाला में ‘भौतिक प्रयोग’ से बवा वायरल फोटो ने महाविद्यालय में मचाया तूफानशिक्षक पर छात्रों का आरोप निलंबन की कर रहे मांग




जिले भर में अपने कार्यगुजारी को लेकर चर्चित रहने वाला पुष्पराजगढ़ महाविद्यालय से वायरल हुई एक तस्वीर ने पूरे परिसर का माहौल गर्मा दिया है। छात्र-छात्राओं का आरोप है कि रसायन विज्ञान प्रयोगशाला से जुड़ी तस्वीर ने शिक्षक और छात्र के पवित्र रिश्ते पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दूसरे दिन सैकड़ों छात्र महाविद्यालय के सामने एकत्र हुए और आरोप लगते हुए डॉ. धर्मेंद्र सतनामी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए तत्काल निलंबन की मांग की है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि कार्यवाही नहीं हुई तो आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा।

अनूपपुर।अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ मुख्यालय में स्थित शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले महाविद्यालय में इन दिनों पढ़ाई से ज्यादा एक वायरल तस्वीर की चर्चा पूरे शिक्षा जगत को शर्मशार कर रही है। वायरल तस्वीर को लेकर छात्र-छात्राओं के बीच गुस्सा और अविश्वास का माहौल दिखाई दे रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि वायरल फोटो महाविद्यालय की रसायन विज्ञान प्रयोगशाला की है, जहां प्रवेश और नियंत्रण आरोपी शिक्षक के पास रहता है। छात्रों का आरोप है कि यह घटना केवल एक तस्वीर तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे कथित विवादों की कड़ी है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी संबंधित शिक्षक पर छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार, धमकी और प्रताड़ना जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। अब वायरल फोटो के सामने आने के बाद छात्रों का सब्र जवाब देता नजर आ रहा है।इस पूरे मामले ने महाविद्यालय प्रशासन, उच्च शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। फिलहाल परिसर में एक ही सवाल गूंज रहा है कि क्या अब आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी या मामला फिर फाइलों में दब जाएगा?

वायरल तस्वीर ने परिसर में मचाई हलचल

एक वायरल तस्वीर ने पूरे पुष्पराजगढ़ महाविद्यालय का माहौल बदल दिया है। छात्रों का दावा है कि वायरल फोटो रसायन विज्ञान प्रयोगशाला की है और इसमें दिखाई दे रहे दृश्य कई सवाल खड़े करते हैं। सोशल मीडिया और छात्र समूहों में यह तस्वीर चर्चा का विषय बनी हुई है। आरोपों और दावों के बीच छात्रों की मांग है कि तस्वीर की तकनीकी और प्रशासनिक जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। तस्वीर ने महाविद्यालय की प्रतिष्ठा और सुरक्षा व्यवस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

नारेबाजी के बीच गूंजा निलंबन का स्वर

वायरल फोटो होने के दूसरे दिन छात्रों का गुस्सा महाविद्यालय पर दिखाई दिया है। महाविद्यालय के सामने एकत्रित छात्र-छात्राओं ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए तत्काल निलंबन की मांग उठाई है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए पहले शिक्षक को पद से अलग किया जाना चाहिए। छात्रों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्यवाही नहीं हुई तो इससे गलत संदेश जाएगा। परिसर में आंदोलन का स्वर अब और तेज होता दिखाई दे रहा है।

पुराने आरोपों की फाइलें फिर खुलीं

वायरल तस्वीर के बाद छात्रों ने पुराने विवादों को भी सामने लाना शुरू कर दिया है। प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों और छात्राओं ने आरोप लगाया कि संबंधित शिक्षक के खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थीं। इनमें छात्रों को फेल करने की धमकी, अनुचित व्यवहार और छात्राओं से जुड़े गंभीर आरोप शामिल रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन छात्रों का कहना है कि यदि पहले शिकायतों पर गंभीरता दिखाई जाती तो आज स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती,छात्र अब सवाल कर रहे है कि आखिरकार आरोपी शिक्षक को किसका संरक्षण प्राप्त है और जल्द ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

शिक्षा का मंदिर या अविश्वास का केंद्र?

महाविद्यालय वह स्थान होता है जहां विद्यार्थी अपने भविष्य का निर्माण करते हैं। लेकिन जब शिक्षक और छात्र के संबंधों पर सवाल उठने लगें तो पूरा शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होता है। छात्रों का कहना है कि इस घटना ने उनके विश्वास को झकझोर दिया है। अब यह मामला केवल एक शिक्षक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि महाविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था और जवाबदेही की परीक्षा बन गया है। छात्र चाहते हैं कि दोषी कोई भी हो, सच्चाई सामने आए और उचित कार्यवाही सभी के सामने हो जिससे छात्र छात्राओं सहित उनके अभिभावक पर संस्था के प्रति सुरक्षा विश्वास कायम रह सकें।

कार्यवाही नहीं तो हड़ताल और चक्का जाम

प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पक्ष जांच और कठोर कार्यवाही सुनिश्चित नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। छात्रों ने हड़ताल, महाविद्यालय घेराव और चक्का जाम जैसी चेतावनियां दी हैं। इससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उच्च शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या छात्रों को उनके सवालों का जवाब सही समय में मिल पाता है या नहीं?

इनका कहना है
इस मामले की जांच की जा रही है यदि यह कृत जैसा दिख रहा है वैसा ही है तो बेहद शर्मनाक है छात्रों ने भी तीन दिवस में महाविद्यालय प्रबंधन का मत स्पष्ट करने का आवेदन दिया हुआ है जिस पर कार्यवाही की जा रही है।
डॉ. आर. के. मरावी
प्रभारी प्राचार्य
शा. महाविद्यालय पुष्पराजगढ़

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