सिवनी – मामला सिवनी जिले के अंतर्गत आने वाले विकासखंड केवलारी के उगली के अंतर्गत निकट ग्राम मोहबर्रा सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास मोहबर्रा में नए शैक्षणिक सत्र का आरंभ हो चुका है, और स्कूलों में प्रवेश उत्सव का कार्यक्रम चालू हो गया है नए सत्र के प्रवेश और अन्य गतिविधियां संचालित होने भी लगी है.
लेकिन दुर्भाग्य का विषय छात्रावास में अधीक्षक,रसोईया,जलवाहक व चौकीदार सभी पूरा स्टाफ मौजूद होने के बाद भी पिछले सत्र की परीक्षा अवधि समाप्ति के बाद से आज दिवस तक रसोईया अरुण चंद्रौल जो केवल औपचारिकता के आधार पर रसोईया के पद पर होने के बाद,अपने हॉस्टल में औपचारिक्ता अदा करते हैं, इन्होंने अपने कार्य में बाधा ना आए इसलिए एक मोहबर्रा के संतोष रांहगडालें को मजदूरी में अपने कार्य पर रख लिया था, जिन्हें रुपए 5000 मासिक भुगतान के आधार पर रखा गया था, जिसको उसकी मजदूरी का भुगतान भी बकाया है, दूसरी गंभीर बात हॉस्टल अधीक्षक मयूर महाजन यह भी अपने कार्य के प्रति जिम्मेदार दिखाई नहीं पड़ते, आए दिन जिला मुख्यालय और अन्य दूसरी गतिविधियों में व्यस्ततम ही दिखाई देते हैं, अगले कर्मचारी मोहबर्रा के ही एक सातुलेजी हैंहैं, जो बतौर चौकीदार है,और आगामी दो महिने बाद सेवानिवृत हो जाएंगे केवल एक जलवाहक लक्ष्मी रांहगडाले से जब पत्रकारों के दल ने गत दिवस हॉस्टल का निरीक्षण किया तो पता चला कि रसोईया पद पर अरुण चंद्रौल ने 16 जून को हॉस्टल आकर साफ सफाई साथ में करेंगे ऐसा बोला था, लेकिन आज 20-21 तारीख हो गई है उनका कोई अता पता नहीं है, इस संदर्भ में हॉस्टल अधीक्षक से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि नियमित सभी कर्मचारी हॉस्टल आते हैं, हॉस्टल की गंभीर स्थिति यह है, कि नए प्रवेश के लिए प्रबंधन के पास वहां पर फार्म उपलब्ध नहीं है, बिजली व्यवस्था हॉस्टल की ठप्प पड़ी है, क्योंकि छात्रावास में विद्यालय को घर जैसा माहौल प्रदान किया जाए इसलिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, हॉस्टल के निकट ही उगली क्षेत्र की शान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहबर्रा संचालित होता है,विद्यालय के निकट हॉस्टल के हाल-चाल ऐसे हैं,
जिले के बैठे हुए संवेदनशील अधिकारी माननीय कलेक्टर महोदया से प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से ग्रामीणों ने निवेदन किया है कि शीघ्र मोहबर्रा सहित उगली,सरेखा, पां.छपारा के सभी हॉस्टलों का शीघ्र निरीक्षण कर यहां की वस्तु स्थिति का जाएजा लेकर संबंधित कर्मचारीयों को अपने दायित्व का पालन करने के लिए प्रेरित करें और शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएं.


