जबलपुर के संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन डॉक्टर अपॉइंटमेंट के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने महिला को व्हाट्सऐप पर लिंक भेजकर मोबाइल हैक किया और उसके खातों से 2 लाख 73 हजार 673 रुपये ट्रांसफर कर लिए।
जानकारी के अनुसार एचआईजी धनवंतरी नगर निवासी 65 वर्षीय ऊषा चौकसे ने संजीवनी नगर थाने में लिखित शिकायत की है। उन्होंने बताया कि 7 फरवरी को उनके पति ने इलाज के लिए डॉक्टर नागपाल के यहां अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल से नंबर निकाला था।
फोन पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने बताया कि आजकल अपॉइंटमेंट ऑनलाइन होने लगे हैं और फॉर्म भरना होगा। इसके बाद महिला के व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजा गया, जिसमें उन्होंने अपने पति से संबंधित जानकारी भर दी।
इसके बाद मोबाइल धारक ने अपॉइंटमेंट के नाम पर 5 रुपये भुगतान करने के लिए कहा। महिला के अनुसार उन्होंने भुगतान नहीं किया, लेकिन इसके बाद उनका मोबाइल हैक हो गया। उन्हें लगा कि मोबाइल में कोई तकनीकी समस्या है, जिसके चलते उन्होंने मोबाइल दुकान पर दिखाने के लिए भेजा।
दुकान पर मोबाइल सुधारने में समय लगने की बात कही गई, जिसके बाद महिला मोबाइल वापस ले आईं। करीब तीन दिन तक मोबाइल बंद रहने के बाद 10 फरवरी को उन्होंने फिर से मोबाइल में सिम डाली।
इसके बाद 12 फरवरी को उन्हें पता चला कि उनके बैंक खाते से 22 हजार रुपये और उनके व बेटे के संयुक्त खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से 95 हजार रुपये, 96 हजार 673 रुपये और 60 हजार रुपये यूपीआई के जरिए किसी अज्ञात खाते में ट्रांसफर किए गए हैं।
इस तरह अज्ञात साइबर ठगों ने महिला के साथ धोखाधड़ी करते हुए कुल 2 लाख 73 हजार 673 रुपये निकाल लिए। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को जांच में लिया है।
पुलिस अब मोबाइल नंबर, व्हाट्सऐप लिंक, यूपीआई ट्रांजेक्शन और जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई, उनकी जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि ठगों ने गूगल पर फर्जी नंबर डालकर लोगों को ठगने का नेटवर्क तो नहीं बना रखा है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि गूगल पर मिले किसी भी नंबर पर आंख बंद कर भरोसा न करें। डॉक्टर अपॉइंटमेंट, बैंकिंग, कस्टमर केयर या किसी भी ऑनलाइन सेवा के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें।


