अयोध्या, 28 जून । राम मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों के घरों पर रविवार को पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के घर से आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। शुक्रवार को आठों आरोपियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। वे 29 जून तक जेल में रहेंगे और सोमवार को उन्हें दोबारा स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंदिर प्रबंधन से जुड़े आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के घर से कुछ नकदी और संपत्ति से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पुलिस रविवार शाम तक सभी आरोपियों के घरों से बरामद सामान का आकलन पूरा करेगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसके घर से क्या-क्या मिला है। इसके बाद देर रात जांच अधिकारी यह तय करेंगे कि सोमवार को अदालत में पेशी के दौरान आरोपियों की दोबारा पुलिस रिमांड मांगी जाए या नहीं। अधिकारियों के मुताबिक, सभी आरोपियों के घरों से कुछ न कुछ सामान बरामद हुआ है और फिलहाल उसकी जांच व सत्यापन किया जा रहा है। इससे पहले रविवार को आरोपी टिन्नू यादव की पड़ोसी तारा देवी ने आईएएनएस से बातचीत में उन्हें अपना “भाई” बताते हुए उनकी बेगुनाही पर भरोसा जताया।
उन्होंने कहा, “वह अच्छे इंसान हैं। उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है।” वहीं, आरोपी अनुकल्प मिश्रा के पड़ोसी कृष्णानंद तिवारी ने कहा, “जो भी इस मामले में शामिल है, चाहे वह मेरा भाई (मिश्रा) ही क्यों न हो, जिसने भी चोरी या गलत काम किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्हें अपने कृत्य पर शर्म आनी चाहिए, क्योंकि यह भगवान से जुड़ा मामला है। उन्होंने करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ विश्वासघात किया है।” उन्होंने आगे कहा, “हालांकि अनुकल्प मिश्रा ऐसे व्यक्ति नहीं लगते थे, लेकिन किसी के इरादों का अंदाजा लगाना आसान नहीं होता।” एक अन्य पड़ोसी अनुराग ने बताया कि वह करीब एक साल से मिश्रा को जानते हैं। उन्होंने कहा, “उनका स्वभाव अच्छा था। जब भी मुलाकात होती थी, हम एक-दूसरे का अभिवादन करते थे। उनके मन में कोई गलत इरादा था या नहीं, यह मैं नहीं जानता।” मंदिर में कथित चोरी के मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर गुरुवार को अयोध्या कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई थी।
मामले में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें रामशंकर यादव, ट्रस्ट के कर्मचारी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, अविनाश शुक्ला और सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। यह मामला तब दर्ज किया गया, जब तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कई स्तरों पर अनियमितताओं की ओर संकेत किया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कथित चोरी के पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में प्रत्येक आरोपी की अलग-अलग स्तर पर भूमिका सामने आई है। खास तौर पर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की भूमिका जांच एजेंसियों के विशेष रडार पर है।


