July 3, 2026
सी टाइम्स
अंतरराष्ट्रीय

ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर एच5एन1 बर्ड फ्लू का पहला संदिग्ध मामला आया सामने

सिडनी, 3 जुलाई ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) राज्य के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें देश के पूर्वी तट पर जानलेवा एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा का पहला संदिग्ध मामला मिला है।

न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) की कृषि मंत्री तारा मोरियार्टी ने बताया कि सिडनी से लगभग 165 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित तटीय कस्बे हॉक्स नेस्ट के पास बीमार मिले एक प्रवासी जायंट पेट्रेल पक्षी से लिए गए नमूनों की प्रारंभिक जांच में अत्यधिक रोगजनक एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा स्ट्रेन की पुष्टि के संकेत मिले हैं।

उन्होंने कहा कि अंतिम पुष्टि के लिए इन नमूनों को राष्ट्रीय विज्ञान एजेंसी के पास भेजा गया है। यदि जांच में संक्रमण की पुष्टि होती है, तो यह ऑस्ट्रेलियाई मुख्यभूमि पर एच5एन1 स्ट्रेन का छठा और देश के पूर्वी तट पर इसका पहला मामला होगा।

पिछले सभी पांच मामले जून में प्रवासी पक्षियों में पाए गए थे, जिनमें से चार पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में और एक दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया में था।

मोरियार्टी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने पोल्ट्री इंडस्ट्री को संदिग्ध मामले के बारे में बता दिया है। उन्होंने कहा, “हमें पोल्ट्री इंडस्ट्री पर असर पड़ने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है, अंडे खरीदते रहें, चिकन खरीदते रहें।”

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया (डब्ल्यूए) में पहला मामला सामने आने से पहले तक ऑस्ट्रेलियाई मुख्यभूमि दुनिया का एकमात्र महाद्वीप थी, जहां एच5एन1 स्ट्रेन नहीं पहुंचा था। वर्ष 2020 से अब तक इस वायरस के कारण दुनिया भर में लाखों पक्षियों और अन्य वन्यजीवों की मौत हो चुकी है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यही वजह थी कि ऑस्ट्रेलिया अब तक इस संक्रमण से मुक्त माना जा रहा था।

न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) की मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जो कूम्ब ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी एच5एन1 के संभावित खतरे से पूरी तरह वाकिफ हैं और किसी भी स्थानीय प्रकोप से निपटने की तैयारी पिछले कई वर्षों से कर रहे हैं।

एवियन इन्फ्लूएंजा ए(एच5एन1) इन्फ्लूएंजा वायरस का एक सबटाइप है जो पक्षियों और स्तनधारियों को संक्रमित करता है, जिसमें बहुत कम मामलों में इंसान भी शामिल हैं। एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस का गूज/गुआंगडोंग-लाइनेज पहली बार 1996 में सामने आया था। तब से पक्षियों में इसका प्रकोप जारी रहा है।

2020 से, एच5 क्लैड 2.3.4.4बी से जुड़े इन वायरस के एक वेरिएंट की वजह से अफ्रीका, एशिया और यूरोप के कई देशों में जंगली पक्षियों और पोल्ट्री में बहुत ज्यादा मौतें हुई हैं। 2021 में, यह वायरस उत्तरी अमेरिका में और 2022 में मध्य और दक्षिणी अमेरिका में फैल गया।

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