जबलपुर। जबलपुर की घटती वायुसेवाओं को लेकर फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज ने मोर्चा खोल दिया है। फेडरेशन के अध्यक्ष और जबलपुर संघर्ष समिति के संयोजक हिमांशु खरे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल में इंडिगो एयरलाइन के सेल्स हेड कुंवर रावत से मुलाकात की। यह ज्ञापन इंडिगो के डायरेक्टर सेल्स ईस्ट एवं सेन्ट्रल इंडिया संजीव भट्टाचार्य के नाम सौंपा गया। बैठक में फेडरेशन के संयुक्त अध्यक्ष विरेंद्र पोरवाल, प्रवीण आचार्य और डॉ सुरेंद्र सिंह भी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने साफ किया कि जबलपुर औद्योगिक और पर्यटन केंद्र है, जहां से हवाई कनेक्टिविटी का सिमटना आर्थिक विकास के लिए बड़ा झटका है। वर्तमान में मुंबई और बेंगलुरु की फ्लाइट्स को रोजाना से घटाकर सप्ताह में 4 दिन करने से यात्रियों में भारी नाराजगी है, जिसे देखते हुए तत्काल सेवाएं बहाल करने की पुरजोर मांग की गई है।
हवाई संपर्क कमजोर होने से थम रही रफ्तार
जबलपुर एक महत्वपूर्ण संभागीय मुख्यालय है, लेकिन यहां से एयर कनेक्टिविटी लगातार घट रही है। पहले जबलपुर अहमदाबाद, पुणे, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से सीधा जुड़ा हुआ था, जो अब बंद हो चुका है। फिलहाल दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और इंदौर के लिए ही सेवाएं मिल रही हैं। फ्लाइट्स कम होने से व्यापारियों, निवेशकों और आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार घटती उड़ानें निवेश की संभावनाओं को भी प्रभावित कर रही हैं। यदि कनेक्टिविटी नहीं बढ़ाई गई, तो शहर का व्यापारिक माहौल बुरी तरह प्रभावित होगा।
नई एयरलाइंस को बुलाने की तैयारी तेज
फेडरेशन ने इंडिगो प्रबंधन से बंद पड़ी उड़ानें फिर से शुरू करने और नियमित सेवा बहाल करने की ठोस पहल करने को कहा है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार से भी मांग की गई है कि नई एयरलाइन कंपनियों को जबलपुर लाने के लिए विशेष प्रोत्साहन नीतियां बनाई जाएं। जबलपुर एयरपोर्ट को एक क्षेत्रीय हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम उठाने की जरूरत है। एयरपोर्ट की क्षमता और उपयोगिता को देखते हुए भविष्य में यहां से कनेक्टिविटी बढ़ाना अनिवार्य है ताकि विकास की गति बनी रहे।


